उत्तराखंड में लगातार बिगड़ रहे मौसम ने चारधाम यात्रा समेत पर्यटन और परिवहन व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। केदारनाथ और बदरीनाथ सहित चारों धामों की यात्रा को मौसम सामान्य होने तक स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देश के बाद चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन ने यात्रा रोकने का निर्णय लिया। इसके साथ ही एआरटीओ कार्यालयों में चारधाम यात्रा से संबंधित ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने का काम भी रोक दिया गया है। यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों और ट्रांजिट कैंपों में रुकने की सलाह दी गई है।
मौसम खराब होने का असर हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी पड़ा है। शनिवार को केदारनाथ के लिए हेली सेवा संचालित नहीं हो सकी, जबकि श्रीनगर क्षेत्र में भी हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित रहीं। इससे केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चमोली में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
चमोली जिले में शनिवार सुबह से निचले क्षेत्रों में बारिश जारी रही, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों के अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती और माणा घाटियों में भी बर्फबारी दर्ज की गई। हेमकुंड साहिब में करीब आधा फीट तक बर्फ जमने से आस्था पथ पर फिसलन बढ़ गई।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित रास्ता पार कराया। बारिश और बर्फबारी के कारण चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में ठंड भी बढ़ गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, राफ्टिंग बंद
लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने राफ्टिंग गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
देहरादून में उड़ानें प्रभावित
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखाई दिया। देहरादून एयरपोर्ट पर शनिवार को मौसम के कारण तीन उड़ानों को डायवर्ट किया गया, जबकि एक उड़ान रद्द करनी पड़ी। कुछ अन्य उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया। शनिवार को सीमित संख्या में ही उड़ानें एयरपोर्ट पहुंच सकीं।
गोमुख ट्रैक पर हादसा
उत्तरकाशी में खराब मौसम के बीच गोमुख-गंगोत्री ट्रैक पर हादसा भी हुआ। महाराष्ट्र के एक बुजुर्ग यात्री का पैर फिसलने के बाद वह खाई में गिर गए और तेज बहाव वाली नदी में बह गए। घटना के बाद राहत एवं बचाव दलों ने तलाश अभियान शुरू किया।
तेज हवाओं और बारिश से फसल को नुकसान
नई टिहरी में भी तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। कई क्षेत्रों में धान की फसल खेतों में गिर गई। किसानों ने मौसम साफ होने और नुकसान के आकलन की उम्मीद जताई है।
57 सड़कें बंद, प्रशासन अलर्ट
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 57 सड़क मार्ग बंद बताए गए हैं। इनमें अल्मोड़ा में 2, बागेश्वर में 4, चमोली में 8, देहरादून में 8, नैनीताल में 11, पौड़ी में 3, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में 3, टिहरी में 5 और उत्तरकाशी में 2 मार्ग शामिल हैं।
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित स्थानों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। राज्य और जिला स्तर के आपातकालीन परिचालन केंद्रों से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


