त्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। भाजपा ने राज्य के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी में परिवर्तन करते हुए वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रभारी नियुक्त किया है। वह लंबे समय से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे दुष्यंत कुमार गौतम की जगह लेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज और वरिष्ठ नेता अरविंद मेनन को उत्तराखंड का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से 23 सितंबर को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नई सूची जारी की गई। पार्टी ने एक साथ 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संगठनात्मक प्रभार में बदलाव किया है। इनमें खास तौर पर उन राज्यों को शामिल किया गया है, जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं।

करीब छह साल बाद बदली जिम्मेदारी

दुष्यंत गौतम करीब छह वर्षों तक उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी रहे। उनके कार्यकाल में राज्य में पार्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक घटनाक्रम सामने आए। हालांकि, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा के भीतर और बाहर उठे सवालों के बीच उनका नाम भी राजनीतिक चर्चा में आया था। हाल में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में भी उन्हें स्थान नहीं मिला था।

अब पार्टी ने उत्तराखंड की जिम्मेदारी राम माधव को सौंपी है। अगस्त 2026 में राम माधव की भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वापसी हुई थी। इससे पहले वह 2014 से 2020 के बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठन और चुनावी गतिविधियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को भी अहम जिम्मेदारी

राम माधव के साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह-प्रभारी बनाया गया है। इससे उत्तराखंड में प्रभारी टीम का पूरा ढांचा बदल गया है। इससे पहले रेखा वर्मा सह-प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। नई व्यवस्था में रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है।

दिल्ली से लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज को उत्तराखंड की जिम्मेदारी मिलने को भी संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह पहली बार उत्तराखंड भाजपा संगठन में इस स्तर की जिम्मेदारी संभालेंगी।

2027 के विधानसभा चुनाव पर नजर

भाजपा का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी की नई टीम अब राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी तैयारियों से जुड़े काम को संभालेगी।

हालांकि पार्टी ने नियुक्तियों के पीछे किसी एक विशेष कारण को सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है, लेकिन रिपोर्टों में इस बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा गया है। नई टीम के जरिए प्रदेश संगठन को अधिक सक्रिय करने और केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी को मजबूत करने की कवायद के तौर पर इसे देखा जा रहा है।

राम माधव को उत्तराखंड के साथ तमिलनाडु का प्रभारी भी बनाया गया है। भाजपा ने चुनावी और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई राज्यों में इसी तरह नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।

राष्ट्रीय मीडिया टीम में भी बदलाव

भाजपा ने केवल राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में ही बदलाव नहीं किया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया और संचार से जुड़ी जिम्मेदारियों में भी फेरबदल किया है। सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक और आशीष उषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

इस तरह उत्तराखंड संगठन में प्रभारी और सह-प्रभारियों के बदलाव के साथ भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी संगठनात्मक और संचार टीम में नए सिरे से जिम्मेदारियां तय की हैं।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड भाजपा में हुआ यह बदलाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल है। अब राम माधव के नेतृत्व में बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन की नई टीम उत्तराखंड में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी चुनाव से जुड़ी तैयारियों में भूमिका निभाएगी।

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