गैंगस्टर नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा
दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों का जाल अब केवल स्थानीय गलियों तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि कई बड़े गैंगस्टर्स अब विदेशों से बैठकर अपना पूरा साम्राज्य ऑपरेट कर रहे हैं। इन अपराधियों के लिए ‘टारगेट’ चुनने का एक बेहद व्यवस्थित और सुनियोजित तरीका है। गैंगस्टर्स को रईस कारोबारियों, जूलर्स, ट्रांसपोर्टर्स और उद्योगपतियों की सटीक जानकारी (इनपुट) स्थानीय स्तर पर सक्रिय मददगारों के जरिए मिलती है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन मददगारों में बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर, सट्टा ऑपरेटर और हवाला कारोबारी शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पुलिसकर्मी और कथित वकील भी इन गैंगस्टर्स के करीब रहकर उन्हें टारगेट की निजी जानकारी मुहैया कराते हैं।
हवाला और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का खेल
रंगदारी (Extortion) के इस काले कारोबार में पैसों का लेन-देन अब बेहद आधुनिक और तकनीकी हो गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गैंगस्टर्स द्वारा वसूली गई भारी-भरकम रकम को हवाला और USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के माध्यम से सुरक्षित रूप से विदेश भेज दिया जाता है। इस अवैध धन का उपयोग न केवल विदेश में रहने और खाने के खर्च के लिए, बल्कि देश की जेलों में बेहतर सुविधाएं जुटाने, हथियार खरीदने और लॉजिस्टिक प्रबंधन के लिए भी किया जाता है। इतना ही नहीं, इस अवैध कमाई को सफेद करने के लिए इसे होटल, बार-रेस्टोरेंट, गोल्ड बिजनेस, बिट कॉइन और प्रॉपर्टी जैसे विभिन्न व्यवसायों में निवेश किया जा रहा है, जिससे अपराध का यह चक्र निरंतर चलता रहता है।
200 करोड़ की रंगदारी और फायरिंग का खौफ
हाल ही में सामने आए 200 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सिविल लाइंस की एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस अब इस मामले के पारिवारिक विवादों से जुड़े होने की भी गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह पहलू भी निकलकर आया है कि ससुर की मृत्यु के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद का इस धमकी भरे कॉल से कोई संबंध तो नहीं है। गैंगस्टर्स का आतंक केवल फोन कॉल्स तक ही सीमित नहीं है; यदि रंगदारी की मांग पूरी नहीं होती, तो वे पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के आपराधिक गिरोहों के साथ मिलकर शूटरों के जरिए फायरिंग करवाकर दहशत फैलाते हैं। पुलिस अब उन कॉल सोर्स और मददगारों की तलाश कर रही है जो इन अपराधियों को टारगेट की सटीक लोकेशन और हैसियत की जानकारी देते हैं।
