Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    चमोली में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

    June 30, 2026

    देहरादून: फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बन कारोबारी से 25 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, घंटों रखा बंधक

    June 29, 2026

    रिकॉर्डतोड़ बिजली खपत: उत्तराखंड में दो दिन के भीतर 6.5 करोड़ यूनिट तक पहुंची डिमांड

    June 28, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Tuesday, June 30
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»एसजीआरआरयू में छात्रों ने हर्बल रंग बनाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
    उत्तराखंड

    एसजीआरआरयू में छात्रों ने हर्बल रंग बनाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalMarch 7, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    गृह विज्ञान विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला में छात्रों ने सीखा ऑर्गेनिक और हर्बल रंग बनाना

    देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के गृह विज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय ऑर्गेनिक और हर्बल रंग बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    कार्यशाला मैं छात्रों का निर्देशन विभाग अध्यक्ष गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ लता सती ने किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में पहले दिन छात्रों को हर्बल रंगों के महत्व और उनके बनाने की विधि विस्तार से बताई गई।

    उन्होंने कहा कि छात्रों ने चुकंदर, हल्दी, पालक, गैंदा और गुलाब का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के रंगों को बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
    इस अवसर पर स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की डीन प्रोफेसर डॉ प्रीति तिवारी ने कहा कि गृह विज्ञान विभाग की यह पहल पर्यावरण को बचाने की दिशा में भी अग्रिम प्रयास है उन्होंने कहा की रासायनिक रंगों के स्थान पर अगर ऑर्गेनिक रंगों का प्रयोग किया जाए तो उससे त्वचा को होने वाले संक्रमण और शरीर पर होने वाले विपरीत प्रभाव से बचा जा सकता है।

    साथ ही उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज समय-समय पर अपने बच्चों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित करेगा जिससे वह पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सके।

    इस अवसर पर विभाग़ाध्यक्ष डॉ लता सती, डॉ मोनिका शर्मा, नेहा गुप्ता और स्निग्धा भट्ट के साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र मौजूद रहे।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    चमोली में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

    June 30, 2026

    देहरादून: फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बन कारोबारी से 25 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, घंटों रखा बंधक

    June 29, 2026

    रिकॉर्डतोड़ बिजली खपत: उत्तराखंड में दो दिन के भीतर 6.5 करोड़ यूनिट तक पहुंची डिमांड

    June 28, 2026

    कर्णप्रयाग मारपीट मामले में चारों निहंग सिखों को जमानत, कोर्ट ने 50-50 हजार के मुचलके पर दी राहत

    June 27, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version