Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    तीलू रौतेली पुरस्कार 2026: 13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करेंगे सम्मानित सीएम धामी

    August 4, 2026

    हरिद्वार में दिखी श्रवण कुमार की मिसाल, नातियों ने 115 वर्षीय दादी को कांवड़ में बैठाकर कराई यात्रा

    August 3, 2026

    उत्तराखंड भर्ती परीक्षा घोटाला: पेपर लीक मास्टरमाइंड हाकम सिंह पर ईडी का प्रहार, 63 लाख की संपत्ति कुर्क

    August 2, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Wednesday, August 5
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»बिज़नेस»FY27 में १४% रहेगी क्रेडिट ग्रोथ, लिक्विडिटी और CD रेशियो सुधारने में सरकारी बैंक रहेंगे आगे
    बिज़नेस

    FY27 में १४% रहेगी क्रेडिट ग्रोथ, लिक्विडिटी और CD रेशियो सुधारने में सरकारी बैंक रहेंगे आगे

    adminBy adminJuly 6, 2026No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

     नई दिल्ली: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए नया वित्त वर्ष (FY27) स्थिरता और प्रगति लेकर आने वाला है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) की होरिजेंटल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष २०२७ में बैंकों की लोन ग्रोथ (क्रेडिट ग्रोथ) सालाना आधार पर १४ प्रतिशत रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस ग्रोथ और क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) रेशियो में सुधार का नेतृत्व निजी बैंकों के बजाय सरकारी बैंक (PSBs) करते हुए नजर आएंगे। यह बदलाव देश में लोन की मजबूत मांग और बैंकों की बदलती लिक्विडिटी आवश्यकताओं को रेखांकित करता है।

    बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी (नकदी) संकट को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने ३ से ५ साल की अवधि वाले विदेशी मुद्रा अनिवासी-B यानी FCNR(B) डिपॉजिट्स को कैश रिजर्व रेशियो (CRR) और स्टेट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) की अनिवार्यताओं से पूरी तरह छूट दे दी है। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, आरबीआई के इस अकेले फैसले से वित्त वर्ष २०२७ में देश के भीतर ४० से ५० अरब डॉलर (लगभग ३.३ से ४.१ लाख करोड़ रुपये) का भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह होने की उम्मीद है, जिससे बैंकों की बिजनेस ग्रोथ को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा।

     रिपोर्ट के मुताबिक, १५ जून २०२६ तक बैंकिंग प्रणाली की सिस्टेमिक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर १७.७ प्रतिशत दर्ज की जा चुकी थी। इस तेजी के पीछे कच्चे माल और इनपुट लागत में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों द्वारा वर्किंग कैपिटल लोन की बढ़ती मांग है। इसके अलावा, वित्त वर्ष २०२७ की पहली तिमाही में बॉन्ड यील्ड बढ़ने की वजह से कॉरपोरेट्स ने बाजार से फंड जुटाने के बजाय सीधे बैंकों से कर्ज लेने को प्राथमिकता दी है।

     ब्याज दरों और शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) की बात करें, तो मई २०२६ में नए कर्जों पर यील्ड में सरकारी बैंकों के लिए ६ बेसिस पॉइंट (bps) की बढ़त देखी गई, जबकि निजी बैंकों के लिए यह ७ bps गिर गई। पिछले ६ महीनों से रेपो रेट स्थिर रहने के कारण बैंकों के मार्जिन पर हल्का दबाव है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंकों की एसेट क्वालिटी (लोन रिकवरी स्थिति) बेहद मजबूत बनी हुई है और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट का भी इस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। आने वाले समय में कॉर्पोरेट लोन, एमएसएमई (MSME) और गोल्ड लोन इस ग्रोथ के मुख्य इंजन बने रहेंगे।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 13% बढ़ा, पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का लाभ

    July 17, 2026

    शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,677 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे बंद

    July 8, 2026

    रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना सीबीआई की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई तेज

    July 5, 2026

    महंगाई ने बढ़ाई आम आदमी की चिंता, टमाटर-अदरक से लेकर सोना-चांदी तक सब हुआ महंगा

    June 13, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version