हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में रविवार को आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की पहल का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने इसे देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए संत समाज से इसके पक्ष में जनजागरण करने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव विकास की गति को प्रभावित करते हैं। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक मशीनरी, सुरक्षा बल और अन्य संसाधन लंबे समय तक व्यस्त रहते हैं। इसके कारण विकास कार्यों और जनसेवा पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों के चलते स्कूलों की पढ़ाई से लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक प्रभावित होते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की बड़ी बचत हो सकती है। इससे सरकार और प्रशासन को विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने संत समाज से अपने प्रवचनों और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से लोगों को इस विषय के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लगातार चुनाव होने से शासन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
धामी ने कहा कि चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने से कई विकास कार्य प्रभावित होते हैं। साथ ही बड़ी संख्या में अधिकारियों और सुरक्षा बलों को चुनावी जिम्मेदारियों में लगाया जाता है। एक साथ चुनाव होने से सार्वजनिक धन और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासन को जनसेवा और विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
दोनों नेताओं ने संत समाज से इस पहल को लेकर व्यापक जनजागरण में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और संसाधन-कुशल बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

