Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर बोले तीरथ सिंह रावत- नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरूंगा

    August 18, 2026

    युवाओं को रोजगार, पहाड़ में उद्योग और कब्जाधारियों को भूमिधरी अधिकार—धामी के बड़े ऐलान

    August 17, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत, टोल ₹345 से घटकर हुआ ₹80

    August 16, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Tuesday, August 18
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, आरोपियों पर कठोरतम कार्यवाही के दिए निर्देश
    उत्तराखंड

    नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, आरोपियों पर कठोरतम कार्यवाही के दिए निर्देश

    adminBy adminMay 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में राज्य महिला आयोग सख्त; अपराधियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश

    धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध सरकार और आयोग सख्त, प्रशासन करे कड़ी कार्रवाई- कुसुम कंडवाल

    ​देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हरिद्वार जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चारा लेने गयी एक 15 वर्षीय हिंदू नाबालिग के साथ विशेष समुदाय के तीन युवकों द्वारा अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की जघन्य घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी कड़ी आपत्ति और गहरा दुःख प्रकट किया है।

    जानकारी के मुताबिक पीड़िता 26 अप्रैल को पशुओं के लिए चारा लेने गई थी, जिसके पश्चात आरोपियों द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया। पीड़िता 27 अप्रैल को अचेत अवस्था में प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत परिजनों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचित कर लिखित तहरीर दी गई थी। इस जघन्य प्रकरण को अत्यंत निंदनीय और देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बताते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राज्य में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं और ‘लव जिहाद’ जैसी घृणित मानसिकता को किसी भी स्थिति में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार और आयोग अत्यंत कठोर नीति अपना रहे हैं।

    आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हरिद्वार के एसपी देहात, शेखर सुयाल से दूरभाष पर वार्ता की और मामले की विस्तृत वस्तुस्थिति से अवगत हुईं। वार्ता के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि इस अमानवीय कृत्य में संलिप्त एक भी अपराधी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए। अध्यक्ष ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे इस मामलों पर अत्यंत संवेदनशील हैं और उनके स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य की कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम संभव दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार ऐसी घटिया मानसिकता वाले आरोपियों के विरुद्ध हर संभव कानूनी एक्शन ले रही है।

    ​आयोग की अध्यक्ष ने इस मामले में स्थानीय पुलिस स्तर पर बरती गई घोर लापरवाही और पीड़िता पर बयान बदलने हेतु डाले गए कथित दबाव पर तीखा रोष व्यक्त किया है। परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के बावजूद कार्यवाही में विलंब और आरोपियों को लाभ पहुँचाने के प्रयासों पर अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले और मामले को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिसकर्मी तथा अधिकारी भी अपराध में समान रूप से भागीदार हैं। खानपुर थाना प्रभारी के निलंबन को एक आवश्यक कदम बताते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि कर्तव्य पालन में विफल रहे समस्त संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय जाँच संस्थित कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

    अध्यक्ष ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित सुसंगत कठोर धाराओं के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की जाए।

    कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया है कि आयोग के प्रतिनिधि जल्द ही व्यक्तिगत रूप से पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात करेंगे ताकि उन्हें हर संभव कानूनी और मानसिक संबल प्रदान किया जा सके। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग इस मामले की निरंतर और गहन निगरानी कर रहा है तथा शासन-प्रशासन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को उनके कृत्यों की कड़ी से कड़ी सजा मिले। देवभूमि की शांति और सुरक्षा के साथ समझौता करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर बोले तीरथ सिंह रावत- नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरूंगा

    August 18, 2026

    युवाओं को रोजगार, पहाड़ में उद्योग और कब्जाधारियों को भूमिधरी अधिकार—धामी के बड़े ऐलान

    August 17, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत, टोल ₹345 से घटकर हुआ ₹80

    August 16, 2026

    उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का दिन, 168 अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान

    August 15, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version