सूखते फूलों संग कम हुई रौनक, घाटी का सीजन पहुंचा अंतिम पड़ाव पर

चमोली। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी इस बार पर्यटकों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रही है। सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और पर्यटकों की आवाजाही धीरे-धीरे थमने लगी है। घाटी में इस साल विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी जरूर है, लेकिन भारतीय पर्यटकों की कमी ने नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की आय पर बड़ा असर डाला है।

पिछले साल जहां 17,654 भारतीय पर्यटक घाटी पहुंचे थे, वहीं इस बार अब तक केवल 14,528 ही पहुंच पाए हैं। हालांकि विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। बीते वर्ष 268 पर्यटक पहुंचे थे जबकि इस साल अब तक 384 विदेशी पर्यटक यहां आए हैं।

वनक्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि भारतीय पर्यटकों में करीब तीन हजार की कमी दर्ज की गई है। राजस्व पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। पिछले साल जहां पार्क प्रशासन को 36 लाख 18 हजार रुपये से अधिक की आय हुई थी, वहीं इस बार अब तक केवल 31 लाख 13 हजार रुपये ही प्राप्त हुए हैं।

अब घाटी में फूल मुरझाने लगे हैं और सीजन 31 अक्तूबर तक पूरी तरह बंद हो जाएगा। ऐसे में यहां पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना कम ही है।

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