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    Home»उत्तराखंड»यूपीसीएल का बड़ा नवाचार: बिजली प्रबंधन में करोड़ों के जुर्माने से मिलेगी राहत
    उत्तराखंड

    यूपीसीएल का बड़ा नवाचार: बिजली प्रबंधन में करोड़ों के जुर्माने से मिलेगी राहत

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalNovember 20, 2025No Comments2 Mins Read
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    आईआईटी की मदद से यूपीसीएल ने तैयार किया लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम

    देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बिजली प्रबंधन की पुरानी चुनौतियों को खत्म करने के लिए एक बड़ा तकनीकी नवाचार किया है। अब कंपनी को मांग के उतार-चढ़ाव के कारण हर वर्ष लगने वाले भारी-भरकम जुर्माने से राहत मिलने की उम्मीद है। यूपीसीएल ने आईआईटी विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसा स्मार्ट सिस्टम विकसित किया है, जो वास्तविक समय में बिजली की खपत व उपलब्धता की सटीक निगरानी कर सकेगा।

    लंबे समय से यूपीसीएल के लिए राज्य में आने-जाने वाली बिजली का प्रबंधन करना एक जटिल प्रक्रिया रहा है। रोजाना की मांग का अनुमान, बाजार से खरीद की योजना, नेशनल ग्रिड से मिलने वाली ऊर्जा पर निगरानी—इन सभी चरणों को परंपरागत तरीके से संभालना न केवल कठिन था, बल्कि किसी भी तरह की कमी या अधिक खपत पर भारी पेनाल्टी का खतरा भी बना रहता था। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं तक पहुंचता था।

    इसी समस्या को समाप्त करने के लिए ऊर्जा निगम ने आईआईटी के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऑटोमैटिक डिमांड रिस्पांस सिस्टम (ADRS) तैयार किया है। यह अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर उन सभी पॉइंट्स की लाइव रीडिंग उपलब्ध कराता है, जहां से बिजली राज्य में प्रवेश करती है या बाहर जाती है। सिस्टम स्क्रीन पर ग्राफिकल रूप में रियल-टाइम डेटा दिखाता है, जिससे बिजली की उपलब्धता, मांग और प्रवाह की सटीक स्थिति तुरंत स्पष्ट हो जाती है।

    यूपीसीएल के परियोजना निदेशक अजय अग्रवाल के अनुसार, इस सॉफ़्टवेयर की मदद से यदि अचानक किसी समय बिजली की मांग बढ़ जाती है तो मुख्यालय से ही तुरंत नियंत्रण किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कुछ इलाकों में सप्लाई को सीमित भी किया जा सकता है, जिससे ग्रिड संतुलन बना रहे और अनावश्यक जुर्माना न लगे।

    उन्होंने बताया कि इस तरह की उन्नत लाइव मॉनिटरिंग तकनीक अपनाने वाला यूपीसीएल देश का पहला विद्युत निगम बन गया है, जो स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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