Saturday, February 14

16 दिन तक रिटायर्ड BSF इंस्पेक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा

रुद्रपुर। साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड बीएसएफ इंस्पेक्टर के साथ “डिजिटल अरेस्ट” ठगी करने वाले शातिर को गुरुग्राम से दबोच लिया। आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को 16 दिन तक मनोवैज्ञानिक दबाव में रखता रहा और अलग-अलग खातों में 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस अब उससे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ कर रही है।

एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि नैनीताल जिले के बेतालघाट निवासी रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने जुलाई में साइबर थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाला शख्स खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम और सीबीआई का अधिकारी बताकर यह दावा करने लगा कि उनके नाम पर खुले बैंक खाते से 68 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रांजेक्शन हुआ है।

शातिर ने पीड़ित की संपत्ति और बैंकिंग डिटेल्स की “जांच” करने के नाम पर लगातार वीडियो कॉल पर जोड़े रखा और इसी दौरान पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर 16 दिनों में 60 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।

शिकायत दर्ज होने के बाद टीम ने टेक्निकल और डॉक्यूमेंट एनालिसिस के आधार पर आरोपी की पहचान की। शुक्रवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार की अगुवाई में टीम ने राजस्थान के अजमेर जिले के जेवाजा थाना क्षेत्र के ग्राम गोहाना, रजियावास निवासी कमल सिंह को हरियाणा के न्यू कॉलोनी, गुरुग्राम से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी से उसके गिरोह और बाकी ट्रांजेक्शन्स के बारे में पूछताछ जारी है।

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