Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    केदारनाथ यात्रा रोकी गयी… उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

    July 31, 2026

    आईएनसी मान्यता विवाद: नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का हंगामा, 4 घंटे तक शिक्षक और स्टाफ रहे अंदर

    July 30, 2026

    8 साल बाद खुला बुग्यालों में नाइट स्टे का रास्ता, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रूपकुंड ट्रेक को मिली नई जिंदगी

    July 29, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Friday, July 31
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»आग के प्रकोप से झुलस रहे पहाड़; 3 दिन में 17 घटनाएं, 43 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित
    उत्तराखंड

    आग के प्रकोप से झुलस रहे पहाड़; 3 दिन में 17 घटनाएं, 43 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित

    adminBy adminApril 13, 2023No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    आग के प्रकोप से झुलस रहे पहाड़; 3 दिन में 17 घटनाएं, 43 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    उत्तराखंड में शुष्क मौसम में पारा चढ़ने के साथ ही जंगल धधकने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। मार्च में मौसम की मेहरबानी के चलते प्रदेश में जमकर वर्षा हुई और जंगल की आग से राहत रही। हालांकि, अप्रैल में शुरुआत से ही मौसम शुष्क बना हुआ है। खासकर बीते तीन दिन से पारे में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में तीन दिन के भीतर प्रदेश में जंगल की आग की 17 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 43 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। आने वाले दिनों में वन विभाग की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। हालांकि, विभाग की ओर से आग की रोकथाम के भरसक प्रयास करने का दावा किया जा रहा है।

    प्रदेश में अनियमित वर्षा के पैटर्न के चलते बीते कुछ सालों से शीतकाल में भी आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। हालांकि, ग्रीष्मकाल में ही जंगलों को आग का खतरा सर्वाधिक रहता है। मार्च से जून तक का समय आग के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। खासकर कम वर्षा होने और वातावरण शुष्क होने के कारण जंगल की आग तेजी से फैलती है। इस बार मार्च में वर्षा अधिक होने से जंगल की आग की घटनाएं न के बराबर हुईं। हालांकि, अब अप्रैल में पारा तेजी से चढ़ रहा है और फिलहाल वर्षा के आसार नहीं दिख रहे हैं। इसके बाद मई और जून भी वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

    बीते दो दिन की बात करें तो कुल 17 घटनाओं में से 11 घटनाएं आरक्षित वन क्षेत्र में हुईं और छह घटनाएं सिविल क्षेत्र की हैं। हालांकि, नुकसान आरक्षित क्षेत्र में 10 हेक्टेयर और सिविल क्षेत्र में 33 हेक्टेयर जंगल को हुआ है। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा ने कहा कि वन विभाग की ओर से जंगल की आग रोकने को तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। फायर क्रू स्टेशन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। वन पंचायतों का सहयोग लेने के साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।

    devbhumi news devbhumi samachar pahad news pahad samachar uttarakhand news uttarakhand samachar उत्तराखंड न्यूज़ जंगलों में आग देवभूमि न्यूज़ देवभूमि समाचार पहाड़ न्यूज़. उत्तराखंड समाचार पहाड़ समाचार
    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    केदारनाथ यात्रा रोकी गयी… उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

    July 31, 2026

    आईएनसी मान्यता विवाद: नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का हंगामा, 4 घंटे तक शिक्षक और स्टाफ रहे अंदर

    July 30, 2026

    8 साल बाद खुला बुग्यालों में नाइट स्टे का रास्ता, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रूपकुंड ट्रेक को मिली नई जिंदगी

    July 29, 2026

    रुद्रपुर में सनसनी: युवती का किडनैप कर गैंगरेप, साथ आए दो युवक चलती बाइक से कूदकर भागे

    July 28, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version