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    Home»उत्तराखंड»मातृशक्ति ही उत्तराखण्ड की आर्थिक व सामाजिक क्रान्ति की सबसे बड़ी संवाहक- मुख्यमंत्री
    उत्तराखंड

    मातृशक्ति ही उत्तराखण्ड की आर्थिक व सामाजिक क्रान्ति की सबसे बड़ी संवाहक- मुख्यमंत्री

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalAugust 5, 2025No Comments5 Mins Read
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    सरकारी कार्यक्रमों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बने उत्पाद ही होंगे उपयोग

    जिलाधिकारियों को ग्रोथ सेन्टर में महिलाओं हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए

    डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जाए महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखंड में आई दूसरी औद्योगिक क्रांति -मुख्यमंत्री

    देहरादून। सीएम धामी ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों व समारोहों में केवल महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्मृति चिन्ह, शॉल व भेंट आदि ही उपयोग में लाने के शासनादेश को जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सभी महिलाओं को ग्रोथ सेन्टर में प्रशिक्षण दिलवाने, महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा तैयार उत्पादों को राज्य के अम्बै्रला ब्राण्ड हॉउस ऑफ हिमालयाज से जोड़ने, सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए गए उत्पादों की क्वालिटी कण्ट्रोल पर विशेष ध्यान देने तथा उत्पादों की बेहतरीन पैंकेजिंग व मार्केटिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासन-प्रशासन को राज्य की महिलाओं को लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनाने के विजन के साथ मिशन मोड पर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद उत्तराखंड में दूसरी औद्योगिक क्रांति आई है जिसका लाभ महिला स्वयं सहायता समूह को भी उठाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से राज्य के विभिन्न विकासखण्डों में महिला स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद किया

    मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक जनपद की विभिन्न विकासखण्डों के बहुत से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद करते हुए उनके स्वयं सहायता समूहों द्वारा कौन-कौन से उत्पाद बनाए जा रहे हैं, स्वयं सहायता समूहों को कितना लाभ हो रहा है, हर स्वयं सहायता समूहों से कितनी महिलाएं जुड़ी हैं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की आय में कितनी वृद्धि हुई, समूहों में कार्य करने से महिलाओं को क्या लाभ हुआ, महिलाओं द्वारा बनाएं गए उत्पादों की आपूर्ति की क्या स्थिति है, जैसी विस्तृत जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से उनके उत्पादों की बिक्री हेतु डिजिटल प्लेटफ्रॉम के उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में महिला स्वयं सहायता समूहों से सहयोग व सहायता करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाएं ही आर्थिक व सामाजिक क्रान्ति की सबसे बड़ी संवाहक हैं। मुख्यमंत्री धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से एसएचजी के और अधिक विस्तार व महिलाओं को स्वरोजगार में प्रोत्साहन के सम्बन्ध में सरकार को सुझाव देने हेतु भी आमंत्रित किया।

    उत्तराखंड में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों (SHG) से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने “उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन” के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें संगठित करने का काम किया है, ताकि उनके जीवन में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और गरिमा का नया अध्याय जुड़ सके। आज राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। आज 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल पेश कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” ने राज्य में महिला आर्थिक सशक्तिकरण का लिखा नया इतिहास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2023 में रक्षाबंधन के पर्व पर स्वयं सहायता समूहों की हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” प्रारंभ की थी। जिसके माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हजार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री करने में सफलता प्राप्त की। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन हेतु 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सैंकड़ों अस्थायी आउटलेट्स के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री की जा रही है| इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। हमारी सरकार द्वारा जहां एक ओर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारम्परिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम भी किया जा रहा हैं।
    वहीं, ‘Hilans’ ब्रांड के अंतर्गत हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदेश में ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं |

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की हमारी सभी माताओं और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आपका ये भाई, आपका ये बेटा, आपके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।

    मुख्यमंत्री धामी का स्वदेशी आग्रह

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी से ये आग्रह भी करना चाहता हूं, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ये आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त हो सके।

    बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, अपर सचिव झरना कमठान एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं 95 विकासखण्डों से विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूह उपस्थित थे।

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