Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    नए साल पर उत्तराखंड में बर्फबारी के आसार, पहाड़ों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज

    January 1, 2026

    चमोली: विष्णुगाड–पीपलकोटी परियोजना में बड़ा हादसा, दो लोको ट्रेनों की टक्कर से 60 घायल

    December 31, 2025

    देहरादून: एंजेल चकमा मौत मामला, जन्मदिन पार्टी के मजाक से शुरू हुआ विवाद, नस्लीय टिप्पणी के सबूत नहीं

    December 30, 2025
    Facebook Twitter Instagram
    Thursday, January 1
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»एफआरआई देहरादून में ‘सहकार मंथन-2025’ का भव्य शुभारंभ
    उत्तराखंड

    एफआरआई देहरादून में ‘सहकार मंथन-2025’ का भव्य शुभारंभ

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalJuly 8, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया उद्घाटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को मिलेगी नई दिशा

    देहरादून। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में देहरादून स्थित भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में दो दिवसीय कार्यशाला ‘सहकार मंथन-2025’ का भव्य शुभारंभ मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के सहकारिता, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।

    उद्घाटन भाषण में डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्रालय की स्थापना को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे राज्यों को नई दिशा और ऊर्जा मिली है।

    डॉ. रावत ने बताया कि प्रत्येक 300–400 की ग्रामीण आबादी या दो–तीन गांवों के समूह के लिए बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां गठित की जाएंगी ताकि 670 मौजूदा एम-पैक्स को और अधिक सशक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मंथन केवल भाषणों तक सीमित न रहकर धरातल पर परिणाम देने वाला होना चाहिए।

    उत्तराखंड सहकारिता की उपलब्धियां और योजनाएं

    डॉ. रावत ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने 2017 से सहकारी बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्तियां शुरू कीं, जिसका अनुसरण अब छह अन्य राज्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है और कई राज्य इसे अपनाने की प्रक्रिया में हैं।

    कार्यशाला में सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण, ऋण वितरण में सुधार, ग्रामीण उत्पादों के बेहतर विपणन और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अभियानों पर भी चर्चा हुई। नर्सरियों के जरिये हरित उत्तराखंड बनाने पर जोर दिया गया।

    विशेष प्रतिभागिता और तकनीकी सत्र

    कार्यशाला में सहकारिता सचिव डॉ. वीबीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक डॉ. मेहरबान बिष्ट, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज तिवारी, प्रो. अरुण त्यागी, श्रीमती ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल और कई अन्य विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन मंगला त्रिपाठी ने किया।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    नैनीताल: 15 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म, गर्भवती होने पर हुआ खुलासा

    December 6, 2025

    वीडियो वायरल होने के बाद भवाली की मस्जिद विवादों में, 43 नाली सरकारी भूमि कब्जे का आरोप

    December 5, 2025

    देहरादून: रेलवे भर्ती परीक्षा नकल मामले में बड़ा खुलासा, हरियाणा के व्यक्ति से चार लाख में हुई थी डील

    December 4, 2025

    रुद्रप्रयाग: बिना बताए जिला अस्पताल पहुंचे DM, CT स्कैन और सर्जरी यूनिट पर बड़ा फैसला

    December 3, 2025
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version