Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    देहरादून: लेंसकार्ट के खिलाफ बजरंग दल सड़कों पर, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    April 21, 2026

    सीएम धामी का सख्त फैसला: मदरसों में अब उत्तराखंड बोर्ड का सिलेबस अनिवार्य

    April 20, 2026

    आज खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट, CM धामी करेंगे शुभारंभ; 6000+ श्रद्धालु पहुंचे

    April 19, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Wednesday, April 22
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»मुख्यमंत्री धामी ने मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में किया प्रतिभाग
    उत्तराखंड

    मुख्यमंत्री धामी ने मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में किया प्रतिभाग

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalApril 5, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    मुख्यमंत्री ने की चैत्र अष्टमी मेले के आयोजन के लिए 5 लाख की घोषणा

    देहरादून/चौखुटिया।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मां अग्नेरी की पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि हमारी लोक संस्कृति लोककला एवं समृद्ध परम्पराओं को संजोने के साथ ही सामाजिक कुरीतियों के प्रति जन जागृति फैलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यह अपने आप में अनूठी बात है कि इस मेले में कुमाऊ, गढ़वाल के लोकगीतों और लोक कलाओं के अद्भुत प्रदर्शन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, खेती बचाओं, नशा उन्मूलन जैसे जन जागरुकता वाले नाटक और झॉकियों का प्रदर्शन किया गया है।

    उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे पहले यूसीसी कानून बनाने का गौरव उत्तराखण्ड ने हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड सरकार अनेक नवाचारों को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में इस क्षेत्र की 28 सड़के और स्वीकृत हुई है जो आने वाले समय में विकास के लिए मील का पत्थन साबित होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर हमारी सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल जैसी महत्वपूर्ण कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है वहीं दूसरी ओर धार्मिक संस्कृति को बढ़ाने में लगातार कार्य किए जा रहें हैं। चारधामों में विकास के नये आयाम स्थापित किय जा रहे है, तथा मानसखण्ड मन्दिरमाला मिशन के तहत सर्किट बनाकर उनका नव निर्माण एवं पुनःनिर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में भैरवनाथ मन्दिर नवागाड़ी, भैरव मन्दिर पाण्डुखाल, मॉ नन्दादेवी कोटियाताल को भी धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंन कहा कि हमारी सरकार ने माणा से लेकर आदि कैलाश तक समेकित रूप से विकसित करने का संकल्प लिया है।

    मुख्यमंत्री ने की क्षेत्र के विकास हेतु कई घोषणायें

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित कई घोषणायें भी की जिनमें चौखुटिया व आसपास के क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान किये जाने हेतु आगामी सत्र से चौखुटिया महाविद्यालय में स्नाकोत्तर स्तर पर प्रथम चरण में अर्थशास्त्र व अंग्रेजी विषय की कक्षायें, स्नातक स्तर पर विज्ञान विषय की कक्षायें प्रारम्भ किए जाने, द्वाराहाट क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्राकृतिक स्रोतों के पुर्नजीवित करने की वैज्ञानिक कार्य योजना बनाने, गगास नदी में आवश्यकतानुसार छोटे चौकडैमों का निर्माण किए जाने ज्योलीकोट, भवाली, खैरना, मजखाली, द्वाराहाट चौखुटिया, कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीघ्र ही कार्य आरंभ किए जाने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौखुटिया की क्षमता 30 बैड से बढ़ाकर 50 बैड किए जाने तथा डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही चौखुटिया के अगनेरी मन्दिर के बाहर रामगंगा नदी के दोनो ओर तटबन्धों का निर्माण, जी0आई0सी0 द्वाराहाट का नाम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी डा0 इन्दर लाल साह के नाम, तथा रामगढ़-कुनीगाढ मोटर मार्ग का नाम शहीद सूबेदार भवानी दत्त जोशी के नाम पर किए जाने के साथ ही चैत्र अष्टमी मेले के आयोजन के लिए 5 लाख रुपए देने की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

    मुख्यमंत्री ने किया जागेश्वर प्रसादम योजना का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय की पहल पर हिमोत्थान योजना के तहत जागेश्वर धाम के लिए जागेश्वर प्रसादम योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के तहत जागेश्वर धाम के प्रसाद का अलग स्वरूप देखने को मिलेगा। इसके अंतर्गत जनपद की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा प्रसाद निर्मित किया जाएगा। इस प्रसाद में श्रद्धालुओं को बाल मिठाई मिलेगी जो शुद्ध पहाड़ी खोया एवं तिल, चौलाई जैसे पहाड़ी उत्पादों से निर्मित होगी साथ ही तांबे के सिक्के दिए जाएंगे। इन सिक्कों में जागेश्वर धाम की प्रतिमा अंकित होगी तथा प्रसाद में जागेश्वर धाम से संबंधित जानकारी की एक छोटी पुस्तक भी होगी। इससे जनपद के प्रसिद्ध ताम्र उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ साथ महिलाओं की आर्थिकी में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री द्वारा इस पहल की सराहना की गयी।

    मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली स्वयं सहायत समूहों को सौंपे चेक

    मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं हिमोत्थान योजना के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं कार्य विस्तार के लिए सरकारी सहायता के चेक भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना सरकार की बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत महिलाओं की आर्थिकी को बढ़ाकर उनको आर्थिक रूप से सक्षम बनाना हमारा उद्देश्य है। इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है।

    युवाओं को रोजगार देने के हो रहे हैं, प्रयास तीन साल में 22000 से भी अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरियां 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सशक्त नकलरोधी कानून बनाकर देश में एक मिसाल पेश की गई है। इस कानून के बन जाने के बाद 100 से अधिक नकलची एवं ऐसे कृत्यों में शामिल गुनहगारों को जेल में डाला जा चुका है। अब हमारे युवा अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरियों में जगह पा रहे हैं। बीते तीन साल में 22000 से भी अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियोजित किया गया है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि वर्षाें से इस स्थान की महत्ता रही है। मां अगनेरी देवी हमारी इष्टदेवी है। इसकी स्थापना हमारे पूर्वजों ने 11वीं सदी के आसपास कत्यूर वंशजों द्वारा स्थापित किया गया था। पुनः इस शक्ति पीठ को स्थापित करने के लिए इस मन्दिर को 1901 में इस दिव्य स्थान को स्थापित करने का लक्ष्य यहां के सभी वरिष्ठजनों ने रखा तब से लगातार इस मन्दिर का आर्शीवाद हम सब के परिवारों को मिलता रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन वर्षों के कार्यकाल में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सख्त नकल विरोधी कानून व भू-कानून बनाये। उन्होंने वर्तमान में डबल इंजन की सरकार द्वारा उत्तराखंड में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं राज्य के हित में लिए जा रहे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया। क्षेत्रीय विधायक मदन बिष्ट ने भी सभी क्षेत्रवासियों को नवरात्रि की बधाई दी। तथा मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।

    इस दौरान विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा धारी मंत्री शिव सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल साही, प्रशासक विकासखंड चौखुटिया किरण बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष रेवती देवी, चौत्र अष्टमी मेला समिति अध्यक्ष कुलदीप बिष्ट, अग्नेरी मेला समिति अध्यक्ष दयाल सिंह, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी समेत अन्य अधिकारी, पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    देहरादून: लेंसकार्ट के खिलाफ बजरंग दल सड़कों पर, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    April 21, 2026

    सीएम धामी का सख्त फैसला: मदरसों में अब उत्तराखंड बोर्ड का सिलेबस अनिवार्य

    April 20, 2026

    आज खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट, CM धामी करेंगे शुभारंभ; 6000+ श्रद्धालु पहुंचे

    April 19, 2026

    उत्तराखंड में पेंशन बढ़ाने की तैयारी, विधवा-दिव्यांग को मिलेगा ज्यादा लाभ

    April 17, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version