Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को मिली 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र ने दी हरी झंडी

    April 1, 2026

    देहरादून: मसूरी रोड पर गैंगवार की गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

    March 31, 2026

    रुद्रप्रयाग की होनहार खिलाड़ी का राज्य टीम में चयन, ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

    March 30, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Wednesday, April 1
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»अपनी अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है जौनसार बावर, यहां धूमधाम से मनाया गया किमावणा पर्व
    उत्तराखंड

    अपनी अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है जौनसार बावर, यहां धूमधाम से मनाया गया किमावणा पर्व

    adminBy adminSeptember 4, 2022Updated:September 14, 2022No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    अपनी अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है जौनसार बावर, यहां धूमधाम से मनाया गया किमावणा पर्व
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर में जड़ी बूटियों को एकत्र कर उसके गोले तैयार किए जाते हैं। इन्हीं गोलों से जब चाहिए मदिरा तैयार कर सकते हैं। इसके लिए जौनसार बावर में किमावणा पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिसमें पारंपरिक लोकगीतों के बीच कीम जड़ के गोले तैयार किए गए। जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर अपनी अनूठी संस्कृति और रीति-रिवाजों के लिए पूरे विश्व में विख्यात है। जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र में परंपराएं और रीति रिवाज व पारंपरिक पर्व को मनाने का अपना अनोखा ही अंदाज है। जो अपने आप में जौनसार की संस्कृति को चार चांद लगाने का काम करता है।

    कुछ हिस्सों में मनाया जाता किमावणा पर्व
    पर्वों में जौनसार बावर के कुछ हिस्सों में किमावणा पर्व मनाया जाता है। स्थानीय लोग जंगलों से अपने मेहमानों के लिए कीम जड़ चुनकर लाते हैं, जिसमें तमाम तरह की जड़ी बूटियां होती है। किमावणा पर्व पर लोग अपने घर के आंगन में पारंपरिक गीत गाकर जड़ी बूटियां कूटते हैं।

    मेहमानों को दावत के लिए करते आमंत्रित
    विशेषकर महिलाएं हास्य व जौनसार बावर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और ग्रामीण एक दूसरे के मेहमानों को अपने घर की दावत के लिए आमंत्रित करते हैं और विशेष रूप से स्थानीय व्यंजन महिलाओं द्वारा बनाए जाते हैं।उन्हीं व्यंजनों को शाम को मेहमानों को परोसा जाता है।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को मिली 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र ने दी हरी झंडी

    April 1, 2026

    देहरादून: मसूरी रोड पर गैंगवार की गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

    March 31, 2026

    रुद्रप्रयाग की होनहार खिलाड़ी का राज्य टीम में चयन, ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

    March 30, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर समर शेड्यूल लागू, 34 फ्लाइट्स को मंजूरी, 12 शहरों के लिए डायरेक्ट उड़ानें शुरू

    March 29, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version