पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले चार वर्षों में विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर एक मजबूत और संतुलित प्रगति मॉडल पेश किया है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जमरानी बांध परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम गति पकड़ चुका है। वहीं दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड के पूरा होने के बाद दिल्ली-देहरादून का सफर लगभग ढाई घंटे में संभव होगा।
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए उड़ान योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में हेली सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे दूरस्थ इलाकों तक पहुंच आसान हुई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एम्स का सैटेलाइट सेंटर किच्छा में निर्माणाधीन है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही खुरपिया फार्म में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन जैसे प्रोजेक्ट विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में करोड़ों की लागत से विकास कार्य चल रहे हैं। साथ ही 13 जिलों में आदर्श संस्कृत ग्रामों की पहल से सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना और स्कूलों में श्रीमद् भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय, आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ने का प्रयास दर्शाता है।
पर्यटन, ऊर्जा और खेलों में भी राज्य ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। चारधाम यात्रा 2025 में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की भागीदारी रही, जबकि कांवड़ यात्रा ने भी अर्थव्यवस्था को नई गति दी।
ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सौर क्षमता एक गीगावाट से अधिक हो चुकी है और हजारों सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं। खेलों में पहली बार राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ उत्तराखंड ने 100 से अधिक पदक जीतकर नया इतिहास रचा है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों में पहला स्थान और एसडीजी इंडेक्स में शीर्ष स्थान हासिल करना इसकी प्रगति को दर्शाता है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स श्रेणी, Wings India 2026 में सम्मान और खनन सुधारों में बेहतर रैंकिंग ने निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है। साथ ही जखोल, सूपी, हर्षिल और गुंजी जैसे गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का दर्जा मिलना, ग्रामीण पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को उजागर करता है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड ने विकास, विरासत और आधुनिकता के संतुलन के साथ एक नया उदाहरण पेश किया है, जो भविष्य की संभावनाओं को और मजबूत करता है।


