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    ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज, 80 देशों के 1500 योग साधक हुए शामिल

    adminBy adminMarch 10, 2026No Comments2 Mins Read
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    ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज, 80 देशों के 1500 योग साधक हुए शामिल
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    Parmarth Niketan में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस आध्यात्मिक आयोजन में दुनिया के 80 से अधिक देशों से करीब 1500 योग साधक और योग प्रेमी शामिल हुए हैं। पहले दिन गंगा तट पर आयोजित दिव्य गंगा आरती के दौरान योग, संगीत और भारत की प्राचीन कला मल्लखंब के अद्भुत संगम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    महोत्सव के पहले दिन सुबह से शाम तक योग, ध्यान, आध्यात्मिक प्रवचन और वैदिक अनुष्ठानों की श्रृंखला चली, जिसने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। प्रातःकालीन सत्र में योगाचार्य दासा दास ने प्रतिभागियों को हठ योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया, जबकि ईरान की योगाचार्य आध्यಾ ने पारंपरिक हठ योग और हठ विन्यास सिखाया।

    Kaivalyadhama Yoga Institute की प्राणायाम विशेषज्ञ संध्या दीक्षित ने “प्राणायाम की शक्ति” विषय पर विशेष सत्र लेकर योग साधकों को श्वास की शक्ति और उसके स्वास्थ्य लाभों से अवगत कराया। वहीं योगाचार्य सेंसई संदीप देसाई ने ताई-ची फ्लो सत्र में प्रतिभागियों को संतुलन और आंतरिक शांति का अनुभव कराया।

    “मैट से मिशन तक – कर्मयोग के रूप में जीवन” विषय पर आयोजित विशेष संवाद सत्र में Sadhvi Bhagawati Saraswati, Ishan Tigunait, Shiva Rea, Anand Mehrotra और Tommy Rosen सहित कई योगाचार्यों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और जागरूकता के साथ जीवन जीने का मार्ग है।

    दिनभर प्रतिभागियों ने मंत्र योग, चक्र बैलेंसिंग विन्यास, कुंडलिनी योग, हृदय-केंद्रित ध्यान और योग दर्शन जैसे सत्रों में भाग लिया। वहीं नाद योग और साउंड हीलिंग पर आधारित ‘सेक्रेड साउंड एक्सपीरियंस’ में मंत्र और संगीत के माध्यम से गहन ध्यान का अनुभव कराया गया।

    शाम को गंगा आरती के बाद प्रतिभागियों ने भारत की प्राचीन योग परंपरा मल्लखंब का प्रदर्शन देखा। इस अवसर पर Swami Chidanand Saraswati ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने वाला वैश्विक आध्यात्मिक संगम है।

    अमेरिका के योगाचार्य टॉमी रोसेन ने कहा कि योग साधना हमें अपने भीतर की शक्ति और जीवन के उद्देश्य को समझने का अवसर देती है। वहीं शिवा रे ने इस महोत्सव को योगिक ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत केंद्र बताया।

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