Wednesday, February 11

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। कांग्रेस और भाजपा समेत सभी दलों ने अभी से चुनावी तैयारियों को रफ्तार दे दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपी है। जिम्मेदारी मिलते ही हरक सिंह रावत पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर आए हैं।

हालांकि, उनकी हालिया बयानबाजी कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा करती नजर आ रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरक सिंह रावत ने टिकट वितरण को लेकर दो टूक संदेश दिया कि कांग्रेस में टिकट केवल उसी नेता को मिलेगा, जो चुनाव जीतने की स्थिति में होगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी नेता की नजदीकी या सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिया जाएगा।

इसी दौरान हरक सिंह रावत ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग अभी से यह दावा कर रहे हैं कि उनका टिकट फाइनल है। इस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है। यदि पार्टी की सीनियर लीडरशिप को लगे कि कोई उम्मीदवार सीट नहीं निकाल सकता, तो उसे टिकट नहीं मिलेगा—चाहे वह कितना ही बड़ा नाम क्यों न हो।

हरक सिंह रावत के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया है।

भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने हरक सिंह रावत के बयान पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या अब कांग्रेस में राहुल गांधी का टिकट भी हरक सिंह रावत तय करेंगे। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विनोद चमोली ने कहा कि इस तरह के बयान यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं बची है।

विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में हर नेता अपनी मर्जी से बयान दे रहा है और इससे पार्टी की अंदरूनी हालत उजागर हो रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि हरक सिंह रावत ने राज्य में पूरी कांग्रेस को हाईजैक कर लिया है, इसी वजह से वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

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