Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    देहरादून में रिश्तों का कत्ल: अर्जुन केस में पैसों के लिए मां ने पार की इंसानियत की हद

    February 13, 2026

    सीएम धामी का कड़ा संदेश: अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करें, हर मामले में दर्ज हो मुकदमा

    February 12, 2026

    उत्तराखंड: सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा हवाई सहारा, आदि कैलास तक शुरू होगी हेली सेवा

    February 11, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Friday, February 13
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»Uncategorized»अगस्त्यमुनि दिवारा यात्रा: प्रशासन की जिद्द ने रोकी डोली, आस्था को टकराव में झोंक दिया: त्रिभुवन चौहान
    Uncategorized

    अगस्त्यमुनि दिवारा यात्रा: प्रशासन की जिद्द ने रोकी डोली, आस्था को टकराव में झोंक दिया: त्रिभुवन चौहान

    adminBy adminJanuary 16, 2026No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    अगस्त्यमुनि दिवारा यात्रा: प्रशासन की जिद्द ने रोकी डोली, आस्था को टकराव में झोंक दिया: त्रिभुवन चौहान
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    करीब 15 वर्षों बाद दिवारा यात्रा पर निकली ऋषि अगस्त्य मुनि महाराज की डोली के दूसरे दिन भी अगस्त्यमुनि क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने रहे। बृहस्पतिवार को डोली जब पुनः क्षेत्र भ्रमण पर निकली तो मैदान स्थित गद्दीस्थल के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही उसे रोक दिया गया। प्रशासन द्वारा लगाए गए गेट के कारण डोली अंदर प्रवेश नहीं कर सकी, जिससे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया।

    भक्तों का कहना था कि यह मार्ग सदियों से डोली यात्रा का पारंपरिक रास्ता रहा है, लेकिन प्रशासन ने बिना जनभावनाओं को समझे यहां निर्माण करा दिया। बीते दिन भी इसी कारण डोली को लौटना पड़ा था। बार-बार प्रशासन और जिलाधिकारी से गेट हटाने की मांग की गई, लेकिन कथित हठधर्मिता और अनदेखी के चलते कोई निर्णय नहीं लिया गया।

    स्थिति तब विस्फोटक हो गई जब आक्रोशित श्रद्धालुओं ने स्वयं ड्रिल मशीन और हथौड़ों से गेट को तोड़ना शुरू कर दिया। लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम करीब चार बजे गेट ध्वस्त हुआ, जिसके बाद डोली ने मैदान की परिक्रमा की और अपने गद्दीस्थल पर विराजमान हुई। वहां महाराज ने भक्तों का कुशलक्षेम जाना और बाद में मंदिर के लिए प्रस्थान किया।

    डोली के हाईवे पर रुकने से अगस्त्यमुनि बाजार और आसपास के इलाकों में करीब पांच घंटे लंबा जाम लगा रहा। केदारनाथ और रुद्रप्रयाग जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जाम में एंबुलेंस तक फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए। यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।

    इसी बीच नगर क्षेत्र में दिनभर बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रही। व्यापार, ऑनलाइन कार्य और छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई। होटल व्यवसायियों और स्थानीय लोगों को वैकल्पिक स्रोतों से पानी जुटाना पड़ा। देर शाम बिजली तो बहाल हुई, लेकिन पानी की समस्या बनी रही।

    घटना के बाद प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, जिससे भक्तों में और रोष फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता, तो न जाम लगता, न टकराव होता।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    देहरादून में रिश्तों का कत्ल: अर्जुन केस में पैसों के लिए मां ने पार की इंसानियत की हद

    February 13, 2026

    सीएम धामी का कड़ा संदेश: अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करें, हर मामले में दर्ज हो मुकदमा

    February 12, 2026

    उत्तराखंड: सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा हवाई सहारा, आदि कैलास तक शुरू होगी हेली सेवा

    February 11, 2026

    “राहुल गांधी का भी टिकट पक्का नहीं”—कांग्रेसी नेता का बयान वायरल, भाजपा को मिला तंज का मौका

    February 10, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version