दिवाली की चमक फीकी पड़ते ही उत्तराखंड की हवा दमघोंटू हो गई है। आतिशबाजी और वाहनों के धुएं ने राज्य के कई शहरों में वायु गुणवत्ता को बेहद खराब बना दिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और AQI India के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर की सुबह देहरादून में AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

देहरादून की हवा में बढ़ा जहर
देहरादून के निगरानी केंद्रों पर PM 2.5 का स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM 10 का स्तर 230 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पाया गया। ये दोनों मानक से कई गुना अधिक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवा और कम हवा की गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे सांस के रोगियों के लिए स्थिति और गंभीर हो गई है।

हरिद्वार, रुड़की और काशीपुर में भी गिरा वायु स्तर
देहरादून के अलावा हरिद्वार में AQI 182 और रुड़की में 176 दर्ज किया गया, जो “अस्वस्थ” श्रेणी में हैं। वहीं रुद्रपुर और काशीपुर में AQI 150 से ऊपर पहुंचा, जो ‘मध्यम रूप से खराब’ श्रेणी में आता है।
इन सभी शहरों में मुख्य प्रदूषक कण PM 2.5 और PM 10 ही हैं।

ऋषिकेश की हवा में भी दिखा असर
धार्मिक नगरी ऋषिकेश में सोमवार शाम तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 179 दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह यहां उतार-चढ़ाव देखने को मिला — 16 अक्टूबर को AQI 153, 19 अक्टूबर को 63 तक गिरा था, लेकिन अब फिर तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से प्रदूषित हवा के असर से बचने के लिए सुबह की सैर और खुले में व्यायाम से परहेज, तथा मास्क पहनने की सलाह दी है।
पर्यावरण विभाग ने भी अपील की है कि लोग वाहनों का कम उपयोग करें और कारपूलिंग या सार्वजनिक परिवहन अपनाएं ताकि प्रदूषण स्तर में कमी लाई जा सके।

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