भारत की तकनीकी शक्ति का वैश्विक उदय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के पांचवें संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गर्व के साथ कहा कि भारत की अपनी सेमीकंडक्टर चिप्स अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक बाजारों की ओर रुख कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विश्व स्तर पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण यह है कि दुनिया अब भारत को एक विश्वसनीय तकनीकी भागीदार के रूप में देख रही है। पीएम ने हालिया आर्थिक आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत ने 7.8% की शानदार जीडीपी (GDP) वृद्धि दर हासिल की है, और लगभग 35 वर्षों के बाद जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार करना इस सफलता का एक बड़ा मील का पत्थर है।

सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण और तकनीकी विस्तार

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की यात्रा के विकासक्रम को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2022 में नीतिगत चर्चाओं से शुरू हुआ यह सफर आज व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) के महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। उन्होंने ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ के दूसरे चरण के शुभारंभ की घोषणा की, जिसके लिए 13.5 अरब डॉलर का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पीएम मोदी ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, “AI को सक्षम बनाने के लिए हमें सिलिकॉन फोटोनिक्स और कंपाउंड सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत तकनीकों को अपने इकोसिस्टम का हिस्सा बनाना होगा।” सरकार ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के माध्यम से नीतियों, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को और अधिक सुदृढ़ कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और भारतीय स्टार्टअप्स मिलकर एक मजबूत सप्लाई चेन का निर्माण कर सकें।

वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा और भविष्य की संभावनाएं

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 52 देशों के 600 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन, एएसएमएल (ASML), एनएक्सपी (NXP) और इन्फिनियन जैसी दिग्गज कंपनियों की मौजूदगी भारत के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को दर्शाती है। सरकार ने अब तक 12 प्रमुख सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनमें से तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन का काम सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त, चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को ईडीए (EDA) टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का लक्ष्य ‘सेमीकॉन 2.0’ के माध्यम से देश को चिप निर्माण, डिजाइनिंग और पैकेजिंग का एक वैश्विक केंद्र बनाना है, जिससे भविष्य में अन्य देशों पर हमारी निर्भरता न्यूनतम हो सके।

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