Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण हवन पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने लगाया दलित विरोधी मानसिकता का आरोप

    August 13, 2026

    12 दिन तक भगवा रंग में रंगा रहा हरिद्वार, 4 करोड़ 80 लाख कांवड़ियों ने भरा गंगाजल; सफाई अभियान शुरू

    August 12, 2026

    सात समंदर पार से बागेश्वर पहुंची पत्नी, अमेरिकी पति की आखिरी इच्छा को दिया अंतिम रूप

    August 11, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Friday, August 14
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»राष्ट्रीय»पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी
    राष्ट्रीय

    पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी

    adminBy adminMay 5, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका

    पांच राज्यों के नतीजों ने बदली सियासी तस्वीर

    नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति की तस्वीर बदल दी है। कई बड़े राजनीतिक समीकरण टूटे हैं और नए शक्ति संतुलन उभरकर सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु और असम तक मतदाताओं ने चौंकाने वाले जनादेश दिए हैं, जिनका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

    सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार सत्ता का रास्ता साफ कर लिया है। वहीं तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने परंपरागत द्रविड़ राजनीति को चुनौती देते हुए सत्ता के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया। केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिले हैं, जबकि असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन ने अपनी पकड़ बरकरार रखी है।

    बंगाल में सत्ता परिवर्तन, भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
    294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। तृणमूल कांग्रेस, जो पिछले 15 वर्षों से सत्ता में थी, इस बार दो अंकों में सिमट गई।

    राज्य के सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में भाजपा को भारी समर्थन मिला, जबकि तृणमूल का प्रभाव कुछ इलाकों तक सीमित रह गया। चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए हैं।

    तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका
    234 सीटों वाले तमिलनाडु में विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्रविड़ राजनीति के दशकों पुराने समीकरण को तोड़ दिया। पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई है।

    डीएमके और एआईएडीएमके जैसी स्थापित पार्टियां पीछे छूट गईं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा सके। विजय की लोकप्रियता, नई राजनीतिक छवि और जनहित वादों ने उन्हें बड़ी बढ़त दिलाई है।

    केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत
    केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने स्पष्ट बढ़त बनाई है। लंबे समय से मजबूत रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को इस बार बड़ा झटका लगा है।

    हालांकि सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को अपने सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन की जरूरत होगी। इस परिणाम के साथ ही देश में वाम दलों का आखिरी मजबूत गढ़ भी कमजोर होता दिख रहा है।

    असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत
    असम में भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चुनाव जीता।

    126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।

    पुडुचेरी में NDA की सत्ता बरकरार
    केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपना प्रदर्शन दोहराते हुए सत्ता पर पकड़ बनाए रखी है। एन. रंगासामी के नेतृत्व में गठबंधन को बहुमत मिला है।

    राष्ट्रीय राजनीति पर असर
    इन चुनाव नतीजों ने भाजपा की बढ़ती ताकत को फिर साबित किया है, वहीं क्षेत्रीय दलों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कांग्रेस को कुछ राज्यों में राहत जरूर मिली है, लेकिन उसका प्रभाव अभी भी सीमित नजर आ रहा है।
    वहीं, वाम दलों के लिए ये चुनाव बड़ा झटका साबित हुए हैं, क्योंकि उनका प्रभाव अब लगभग समाप्त होता दिख रहा है।

    इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है और मतदाता अब पारंपरिक समीकरणों से हटकर नए विकल्पों को मौका देने के मूड में हैं।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    बिग ब्रेकिंग: निशानेबाज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का निधन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    June 29, 2026

    बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रही लोगों की परेशानियां- मल्लिकार्जुन खरगे

    June 20, 2026

    NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

    June 16, 2026

    NEET री-एग्जामिनेशन में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, कैबिनेट सचिव ने दिए कड़े निर्देश

    June 13, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version