भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुष्प्रचार करने की एक गंभीर कोशिश सामने आई है। अमेरिकी कंपनी ‘Polymarket’ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक भ्रामक और झूठा दावा किया, जिसमें कहा गया कि भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन में शामिल होने के बाद कई वैश्विक नेता बीमार पड़ गए हैं। इस भ्रामक सूचना का तुरंत खंडन करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे एक ‘Fake Alert’ करार दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ब्रिक्स से लौटे किसी भी बड़े वैश्विक नेता के बीमार होने की कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट सामने नहीं आई है और यह दावा पूरी तरह निराधार है।

जांच में सामने आया है कि झूठ फैलाने वाली यह कंपनी ‘Polymarket’ असल में Blockataize Inc. नाम की संस्था द्वारा संचालित है, जो अमेरिका के डेलावेयर में रजिस्टर्ड है। यह कंपनी न्यूयॉर्क स्थित एक प्रमुख ब्लॉकचेन-आधारित प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म है। इस कंपनी के संस्थापक और मालिक शेन कोप्लान (Shane Coplan) एक अमेरिकी अरबपति हैं, जो अपनी राजनीतिक सक्रियता के लिए भी जाने जाते हैं। Polymarket ने हाल ही में 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत की सटीक भविष्यवाणी करके काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जिससे ट्रंप समर्थकों के बीच कंपनी की काफी चर्चा हुई थी।

इस पूरे मामले के पीछे गहरे राजनीतिक समीकरण भी नजर आते हैं। शेन कोप्लान डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद FBI ने कोप्लान के मैनहट्टन स्थित आवास पर छापेमारी की थी और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए थे। कोप्लान ने इस कार्रवाई को बाइडेन प्रशासन द्वारा की गई राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया था। अब जब डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा सत्ता संभाली है, तो कोप्लान को White House से निमंत्रण भी मिला है। ऐसे में एक अमेरिकी कंपनी द्वारा भारत के महत्वपूर्ण ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर इस तरह का भ्रामक नैरेटिव सेट करना वैश्विक कूटनीति में चिंता का विषय माना जा रहा है।

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