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    Home»उत्तराखंड»एसजीआरआरयू में मातृशक्ति के संघर्ष और समर्पण को सलाम
    उत्तराखंड

    एसजीआरआरयू में मातृशक्ति के संघर्ष और समर्पण को सलाम

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalMarch 8, 2025No Comments4 Mins Read
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    अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

    देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एस.जी.आर.आर. यू.)में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भागेदारी की। विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की।

    शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डाॅ कुमुद सकलानी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानने का अवसर है, बल्कि यह समानता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों को भी प्रोत्साहित करता है। महिलाओं का सशक्तीकरण समाज की प्रगति की आधारशिला है। एसजीआरआर विश्वविद्यालय ने मातृशक्ति के सम्मान एवम् महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य हेतु मासिक धर्म सवैतनिक अवकाश नीति को लागू किया है। एसजीआरआर विश्वविद्यालय हमेशा से शिक्षा और शोध के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत रहा है।

    कुलसचिव प्रो. लोकेश गंभीर ने एसजीआरआर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का दिन महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सराहने का दिन है। हमें मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाना होगा, जहाँ महिलाएँ स्वतंत्र रूप से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। एसजीआरआर विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है, और इसमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा, शोध, प्रशासन और नवाचार के हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। विश्वविद्यालय महिलाओं को समान अवसर और सशक्तिकरण का मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सोनिका रावत संस्थापक हिमालयन एन्वायरमेंट एण्ड लाइफ फाउंडेशन ने कहा कि हमें पर्यटन को आजीविका से जोड़ना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि महिलाओं को समान अवसर, अधिकार और सम्मान देना न केवल उनका हक है, बल्कि एक समृद्ध समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है। हमें मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना है, जहाँ महिलाएँ हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। शिक्षा, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायक हस्ती सोनिका रावत हिमालयन इनवायमेंट एंड लाइफ फाउंडेशन की संस्थापक भी हैं। वे एक शिक्षाविद् हैं। वर्तमान में, सोनिका रावत पौड़ी गढ़वाल के अपने पैतृक गांव में स्थानीय समुदायों के साथ आजीविका के नए अवसरों पर कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में हर्बल अगरबत्ती, बायोडिग्रेडेबल फ्लावर पॉट, स्थानीय जड़ी-बूटियों से बने हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, वे पारंपरिक जैविक खेती को पुनर्जीवित करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

    विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट के सलाहकार प्रो. जे.पी. पचैरी को वूमेन डेवलपमेंट सेल की चेयरपर्सन प्रो. मालविका सती कांडपाल द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। प्रो. मालविका सती कांडपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारी शक्ति को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास की कुंजी है। कार्यक्रम को और जीवंत बनाने के लिए एनसीसी की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इस अवसर पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ आकृति गुप्ता, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल आईवीएफ सेंटर प्रभारी ने कहा कि महिला स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय विकास का विषय भी है। एक स्वस्थ महिला ही एक मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला रख सकती है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। खासकर मातृ स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर महिला को उचित चिकित्सा सुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। कार्यक्रम के समापन चरण में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो० डॉ लोकेश गंभीर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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