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    Home»क्राइम»ऑनलाइन गेम के बहाने बच्चों को निशाना बना रहे साइबर ठग, फिशिंग लिंक से रहें सावधान
    क्राइम

    ऑनलाइन गेम के बहाने बच्चों को निशाना बना रहे साइबर ठग, फिशिंग लिंक से रहें सावधान

    adminBy adminJuly 7, 2026No Comments2 Mins Read
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    मुजफ्फरपुर: डिजिटल युग में जहां मोबाइल गेम्स बच्चों के मनोरंजन का मुख्य साधन बन चुके हैं, वहीं अब ये साइबर अपराधियों का एक खतरनाक हथियार भी बनते जा रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए फिशिंग (Phishing) के जाल में फंसाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय के ट्विटर हैंडल ‘साइबर दोस्त’ ने एक विशेष कॉमिक शृंखला जारी की है। इसके माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को गेमिंग के पीछे छिपे इस बड़े खतरे के प्रति सचेत किया गया है।इस जागरूकता अभियान में 13 वर्षीय आरव नाम के एक काल्पनिक पात्र की कहानी दिखाई गई है। आरव अपनी मां के मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। गेम के आखिरी लेवल पर पहुंचते ही स्क्रीन पर एक लुभावना मैसेज आया, जिसमें कुछ कॉइन्स खरीदकर अगला लेवल तुरंत अनलॉक करने का दावा किया गया था। आरव ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, फोन की स्क्रीन फ्रीज हो गई और बैकग्राउंड में उसका निजी डेटा चोरी होने लगा। इसके तुरंत बाद मोबाइल अपने आप रीस्टार्ट होने लगा।

    डर के मारे आरव ने यह बात अपनी मां से छुपाई, लेकिन उसके जागरूक दोस्तों ने, जो एक साइबर सेफ्टी क्लब चलाते हैं, फोन चेक करके बताया कि यह एक फर्जी यूआरएल (URL) और नकली डोमेन वाला फिशिंग लिंक था, जिससे हैकर्स ने फोन का पूरा कंट्रोल ले लिया था। आरव ने बाद में माता-पिता को सच बताया और बिना गुस्सा किए परिवार ने तुरंत ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर इसकी शिकायत दर्ज कराई।

    ऑनलाइन गेम में हारना बेहतर, परिवार का डेटा खोना नहीं: विशेषज्ञ
    इस घटनाक्रम के बाद साइबर विशेषज्ञों ने बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:

    अज्ञात लिंक से बचें: गेम के दौरान चैट या मैसेज में आए किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, खासकर तब जब वह पैसे या पासवर्ड मांग रहे हों। असली गेमिंग कंपनियां इस तरह रैंडम लिंक भेजकर पेमेंट नहीं मांगतीं।

    गलती न छुपाएं: विशेषज्ञों का साफ कहना है कि ऑनलाइन गेम में हार जाना मंजूर है, लेकिन परिवार का डेटा खोना खतरनाक है। अगर अनजाने में कोई गलती हो भी जाए, तो बच्चे डरने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं।

    यहाँ करें शिकायत: किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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