लुधियाना (हलवारा): पंजाब के लुधियाना जिले के अधीन आते हलवारा गांव में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 26 वर्षीय युवक का लहूलुहान शव गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर पक्के फड़ वाली अनाज मंडी से बरामद हुआ। मृतक की पहचान करनजोत सिंह (पुत्र अजीतपाल सिंह) के रूप में हुई है, जो लुधियाना की एक निजी कंपनी में काम करता था। शव की स्थिति और उस पर मिले गंभीर चोटों के निशान को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या कर शव को मंडी में फेंकने का अंदेशा जताया है।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सुधार के प्रभारी साहिबमीत सिंह के निर्देश पर एएसआई जॉन मसीह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में घटनास्थल की परिस्थितियां बेहद संदिग्ध पाई गईं। मृतक का शव केवल अंडरगारमेंट्स में था, जबकि उसके कपड़े मंडी परिसर में अलग-अलग जगहों पर बिखरे पड़े मिले। करनजोत के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लुधियाना भेज दिया है।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात करीब आठ बजे करनजोत घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने यह भी स्वीकार किया कि करनजोत पिछले कुछ समय से हेरोइन की लत से जूझ रहा था और उसका इलाज भी चल रहा था।

इस घटना ने हलवारा और आसपास के इलाकों में पैर पसार चुके ड्रग्स नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों के भीतर गांव के 10 से अधिक युवाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में जान जा चुकी है।

 सरपंच सुखविंदर सिंह हलवारा और स्थानीय पंचायत ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तुरंत हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं करेगी, तब तक युवाओं की जिंदगी सुरक्षित नहीं की जा सकती। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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