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    Home»उत्तराखंड»उत्तराखंड में खनन राजस्व ने बनाया इतिहास, धामी सरकार में 1200 करोड़ से ज्यादा आय
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    उत्तराखंड में खनन राजस्व ने बनाया इतिहास, धामी सरकार में 1200 करोड़ से ज्यादा आय

    adminBy adminApril 7, 2026No Comments3 Mins Read
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    उत्तराखंड में खनन राजस्व ने बनाया इतिहास, धामी सरकार में 1200 करोड़ से ज्यादा आय
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    उत्तराखंड ने खनन राजस्व के क्षेत्र में एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को खनन से कुल 1217 करोड़ रुपये की आय हुई, जो तय लक्ष्य से काफी अधिक है। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा वर्ष है जब राज्य ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पार किया है।

    निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म राजपाल लेघा के अनुसार, इस वर्ष विभाग को 950 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बेहतर प्रबंधन और सख्त निगरानी के चलते राजस्व 1217 करोड़ तक पहुंच गया। इस कुल आय में से 1130 करोड़ रुपये ट्रेजरी में, 80 करोड़ रुपये जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) में और 7 करोड़ रुपये एसएमईटी के रूप में जमा किए गए।

    पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया था। तब 875 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ था। इस तरह लगातार दो वर्षों तक लक्ष्य से अधिक आय अर्जित कर विभाग ने नया रिकॉर्ड कायम किया है।

    राष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान

    उत्तराखंड के खनन विभाग को सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। विभाग की Mining Digital Transformation & Surveillance System और E-Ravanna Security Paper Project को 28 मार्च को नई दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में खान मंत्रालय की ओर से सीएम श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जिसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई।

    सुधारों से बदली तस्वीर

    खनन विभाग द्वारा किए गए सुधार इस सफलता की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। खनिज नीति और नियमों को सरल बनाते हुए अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्ती से रोक लगाई गई है। वहीं, वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया।

    तकनीक का बड़ा योगदान

    Mining Digital Transformation & Surveillance System के तहत राज्य के चार मैदानी जिलों में 45 चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।

    इसके साथ ही खनिज परिवहन के लिए विशेष फीचर्स वाले E-Ravanna प्रपत्र लागू किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    निष्कर्ष

    सख्त निगरानी, पारदर्शी नीतियों और तकनीकी सुधारों के दम पर उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में न केवल नया रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है।

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