Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    देहरादून में रिश्तों का कत्ल: अर्जुन केस में पैसों के लिए मां ने पार की इंसानियत की हद

    February 13, 2026

    सीएम धामी का कड़ा संदेश: अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करें, हर मामले में दर्ज हो मुकदमा

    February 12, 2026

    उत्तराखंड: सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा हवाई सहारा, आदि कैलास तक शुरू होगी हेली सेवा

    February 11, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Friday, February 13
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»सड़क पर भटकते बच्चों को मिली नई राह, जिला प्रशासन का “इंटेंसिव केयर सेंटर” बदल रहा ज़िंदगी का रास्ता
    उत्तराखंड

    सड़क पर भटकते बच्चों को मिली नई राह, जिला प्रशासन का “इंटेंसिव केयर सेंटर” बदल रहा ज़िंदगी का रास्ता

    adminBy adminOctober 29, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    सड़क पर भटकते बच्चों को मिली नई राह, जिला प्रशासन का “इंटेंसिव केयर सेंटर” बदल रहा ज़िंदगी का रास्ता
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest
    योग, संगीत और खेल के ज़रिये बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिलाधिकारी सविन बंसल कर रहे हैं मॉनिटरिंग

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और जिला प्रशासन की पहल पर राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरा है। इस सेंटर के माध्यम से सड़क और भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

    “शिक्षा से जीवन उत्थान” के विजन पर कार्य कर रहा यह सेंटर बच्चों को केवल पढ़ाई से ही नहीं, बल्कि संगीत, योग, और खेल जैसी गतिविधियों के ज़रिये भी शिक्षा के प्रति प्रेरित कर रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यहाँ चाइल्ड फ्रेंडली संरचना और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।

    जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं इस परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और नियमित रूप से केंद्र की गतिविधियों का निरीक्षण कर रहे हैं। उनका कहना है कि — “हर बच्चा शिक्षा का अधिकार रखता है, और यह सेंटर उसी दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।”

    अब तक जिला प्रशासन की टीम द्वारा दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू कर विभिन्न विद्यालयों में दाखिला दिलाया जा चुका है।

    पहले चरण में 51 बच्चों को शहर के विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया।

    दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला मिला।

    इसी क्रम में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जो इन बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा का केंद्र बनेगा।

    जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कुल 136 बाल संरक्षण मामलों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जबकि 138 बच्चों को मुक्त कराया गया। इनमें 70 बच्चे भिक्षावृत्ति और 14 बच्चे बालश्रम में लिप्त पाए गए थे। अन्य राज्यों के 6 बच्चों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है।

    यह पहल न केवल शिक्षा की रोशनी फैला रही है, बल्कि समाज के सबसे नाजुक वर्ग को एक सम्मानजनक भविष्य देने की दिशा में भी एक स्वर्णिम कदम सिद्ध हो रही है।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    एमडीडीए की सख़्त कार्रवाई- अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोज़र, 10 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण

    February 9, 2026

    विकासनगर में दर्दनाक हादसा, हिमाचल रोडवेज की बस गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत

    February 3, 2026

    धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन नीति तक लगी मुहर

    January 28, 2026

    उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी

    January 15, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version