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    Home»उत्तराखंड»उत्तराखंड की शिक्षिका मंजूबाला को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025
    उत्तराखंड

    उत्तराखंड की शिक्षिका मंजूबाला को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalAugust 31, 2025No Comments2 Mins Read
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    शिक्षक समाज को सवारने का काम करते है, शिक्षा के बिना ज्ञान अधूरा हैं। कुछ शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा बन जाते है और इसी का उदाहरण है उत्तराखंड की शिक्षिका मंजूबाला। चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र में स्थित च्यूरानी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजूबाला को इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। आगामी 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित करेंगी।

    दो दशकों से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय

    मंजूबाला वर्ष 2005 से इस विद्यालय में तैनात हैं और पिछले दो दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। 2011 में उन्होंने अपने विद्यालय को जिले का पहला अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, शिक्षा के प्रति अपने समर्पण के कारण वह रोज़ाना कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचती हैं, जहां फिलहाल केवल 6 बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कुमाऊंनी भाषा और संस्कारों से जोड़ना उनकी विशेषता रही है।

    उपलब्धियों में कई पुरस्कार शामिल

    मंजूबाला की उपलब्धियों में शैलेश मटियानी पुरस्कार, तीलू रौतेली पुरस्कार, आयरन लेडी अवार्ड और एमएचआरडी से ‘टीचर ऑफ द ईयर’ जैसे सम्मान पहले भी शामिल रहे हैं। लेकिन इस बार उन्हें देश के सबसे बड़े शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा।

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार हर साल डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में दिया जाता है। इस सम्मान के तहत विजेताओं को प्रमाण पत्र, मेडल और 50 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

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