Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    उत्तराखंड में मौसम का कहर: बदरी-केदारनाथ में बर्फबारी, देहरादून में बारिश का अलर्ट

    April 8, 2026

    उत्तराखंड में खनन राजस्व ने बनाया इतिहास, धामी सरकार में 1200 करोड़ से ज्यादा आय

    April 7, 2026

    14 अप्रैल को उत्तराखंड आएंगे पीएम मोदी, करोड़ों की योजनाओं का करेंगे उद्घाटन

    April 6, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Wednesday, April 8
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»उत्तरकाशी- धराली में RSS की ‘संजीवनी’, 80 परिवारों को मिली आपदा से जूझने की नई ताकत
    उत्तराखंड

    उत्तरकाशी- धराली में RSS की ‘संजीवनी’, 80 परिवारों को मिली आपदा से जूझने की नई ताकत

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalAugust 24, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सैकड़ों परिवार बेघर हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग बुनियादी जरूरतों जैसे खाद्य सामग्री और गैस सिलेंडर से भी वंचित हैं। इस विकट स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पीड़ितों के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है, जिससे 80 सर्वाधिक प्रभावित परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी।

    80 परिवारों को सर्वाधिक नुकसान
    धराली गांव के कुल 280 परिवारों में से 80 परिवार ऐसे हैं जो इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। इनके पास न तो गैस सिलेंडर है और न ही भोजन पकाने व जीवनयापन की अन्य आवश्यक सामग्री। इनके लिए हर दिन एक नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।

    RSS ने भेजा ‘राहत हाथ’
    संकटग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने त्वरित कदम उठाए। ऋषिकेश के नटराज चौक से एक राहत ट्रक को धराली के लिए रवाना किया गया। इस ट्रक में आवश्यक खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और गैस सिलेंडर जैसी जीवनदायिनी सामग्री शामिल है।

    सेवा संकल्प का उद्घोष
    राहत सामग्री रवाना करते समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक शैलेन्द्र ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आपदा की इस घड़ी में हमारे स्वयंसेवक पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि हम सब एक हैं और मिलकर हर चुनौती का सामना करेंगे।”

    सामाजिक सहयोग से बढ़ा अभियान
    इस राहत अभियान में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्य मंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। ऋषिकेश से राहत सामग्री को रवाना करते समय संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान, प्रतीक कालिया सहित कई स्वयंसेवक और समाजसेवी मौजूद रहे।

    महापौर ने की सराहना
    ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान ने संघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह अत्यंत सराहनीय पहल है। ऐसे समय में जब धराली के लोग गहरे संकट में हैं, संघ की यह मदद उन्हें बड़ी राहत देगी। मैं सभी सामाजिक संगठनों से अपील करता हूँ कि वे आगे आकर पीड़ितों की सहायता करें।”

    आपदा की इस भयावह घड़ी में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य सामाजिक संगठनों की यह संयुक्त पहल धराली के पीड़ित परिवारों के लिए न केवल भौतिक सहायता, बल्कि एक नई उम्मीद और जीने की हिम्मत लेकर आई है।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    उत्तराखंड में मौसम का कहर: बदरी-केदारनाथ में बर्फबारी, देहरादून में बारिश का अलर्ट

    April 8, 2026

    उत्तराखंड में खनन राजस्व ने बनाया इतिहास, धामी सरकार में 1200 करोड़ से ज्यादा आय

    April 7, 2026

    14 अप्रैल को उत्तराखंड आएंगे पीएम मोदी, करोड़ों की योजनाओं का करेंगे उद्घाटन

    April 6, 2026

    उत्तराखंड: शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट सख्त: अपात्रों की सिफारिश पर उठे गंभीर सवाल

    April 5, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version