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    Home»Uncategorized»देहरादून: UP राजकीय निर्माण निगम के 5 पूर्व अधिकारियों पर 130 करोड़ गबन करने का आरोप, FIR हुई दर्ज
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    देहरादून: UP राजकीय निर्माण निगम के 5 पूर्व अधिकारियों पर 130 करोड़ गबन करने का आरोप, FIR हुई दर्ज

    adminBy adminFebruary 24, 2025No Comments3 Mins Read
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    देहरादून: UP राजकीय निर्माण निगम के 5 पूर्व अधिकारियों पर 130 करोड़ गबन करने का आरोप, FIR हुई दर्ज
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    उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) की देहरादून इकाई के पांच रिटायर्ड अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR छह अलग-अलग मामलों में करीब 130 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता में दर्ज की गई हैं। देहरादून पुलिस के मुताबिक ये सभी प्रकरण 2018-19 से पहले के हैं। पुलिस के मुताबिक मुकदमा UPRNN की देहरादून इकाई के अपर परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार मलिक की तहरीर पर दर्ज किया गया है। तहरीर के मुताबिक विभागीय जांच में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का पता चला है।

    जिन पूर्व अफसरों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनमें आजमगढ़ के रहने वाले तत्कालीन प्रॉजेक्ट मैनेजर (PM) शिव आसरे शर्मा, दिल्ली निवासी तत्कालीन PM प्रदीप कुमार शर्मा, बिजनौर निवासी तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी स्तर-2 वीरेंद्र कुमार रवि। उनके अलावा, हरदोई निवासी पूर्व लेखाधिकारी राम प्रकाश गुप्ता और प्रतापगढ़ के रहने वाले तत्कालीन स्थानिक अभियंता सतीश कुमार उपाध्याय हैं। प्रदीप को पांच, शिव आसरे और रवि को तीन-तीन, राम प्रकाश को दो और सतीश को एक मामले में आरोपित बनाया गया है। सभी पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गबन के संबंध में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अपर परियोजना प्रबंधक ने शिकायत की है। ये सभी काम वर्ष 2018-19 से पहले के बताए गए हैं। उनकी शिकायत पर पहला मुकदमा तत्कालीन महाप्रबंधक शिव आसरे शर्मा, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक प्रदीप कुमार शर्मा और तत्कालीन लेखाधिकारी स्तर-2 वीरेंद्र कुमार रवि के खिलाफ दर्ज हुआ है। इन पर आईटीआई भवन निर्माण में अनियमितताएं बरते हुए छह करोड़ रुपये का गबन करने का आरोप है। इनमें शिव आसरे शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं और आजमगढ़ के गांव ठोकमा के रहने वाले हैं। प्रदीप कुमार शर्मा अतिरिक्त महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। शर्मा मूलरूप से पूर्वी पंजाबी बाग नई दिल्ली के निवासी हैं। जबकि, वीरेंद्र कुमार रवि को निगम से बर्खास्त किया जा चुका है। वह बिजनौर की नजीबाबाद तहसील के गांव सरकरा खेड़ी के रहने वाले हैं।

    दूसरा मुकदमा आपदा राहत केंद्र के निर्माण के दौरान 4.28 करोड़ रुपये के गबन में प्रदीप कुमार शर्मा और वीरेंद्र कुमार रवि के खिलाफ दर्ज हुआ है। तीसरे मुकदमे में शिव आसरे शर्मा, प्रदीप कुमार शर्मा और तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी राम प्रकाश गुप्ता आरोपी हैं। राम प्रकाश गुप्ता हरदोई जिले की संडिला बरौनी के रहने वाले हैं। पर्यटन विभाग के भवन निर्माण में इन पर डेढ़ रुपये के गबन का आरोप है। इसी तरह चौथे मुकदमे में शिव आसरे शर्मा, प्रदीप कुमार शर्मा, रामप्रकाश गुप्ता और वीरेंद्र कुमार रवि को आरोपी बनाया गया है।

    आरोप है कि इन्हें विभिन्न कामों में 100 करोड़ रुपये का गबन किया है। पांचवां मुकदमा दून अस्पताल के ओपीडी भवन निर्माण में अनियमितताओं से संबंधित है। इसमें तत्कालीन स्थानिक अभियंता सतीश कुमार उपाध्याय पर करीब 10 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। उपाध्याय प्रतापगढ़ जिले के सरियांवा गांव के रहने वाले हैं। जबकि, छठे मुकदमे में प्रदीप कुमार शर्मा आरोपी हैं। उन पर इसमें साढ़े पांच करोड़ रुपये गबन करने का आरोप है। एसएसपी ने बताया कि इन सभी मुकदमोंं में जांच शुरू कर दी गई है।

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