चारधाम यात्रा 2026 के लिए इस बार श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान शुल्क अदा करना होगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से न्यूनतम 10 रुपये शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। शासन से अनुमति मिलते ही शुल्क की अंतिम राशि तय कर दी जाएगी।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने सोमवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट यूनियन और डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में यात्रा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई।
समिति का गठन
होटल व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा उठाई गई व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपर आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति की संस्तुतियों के आधार पर एक-दो दिन में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
यात्रियों की संख्या पर नहीं होगी सीमा
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, लेकिन प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। ऑनलाइन पंजीकरण में पहले उन श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पहले से होटल बुकिंग कर रखी है।
स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता
टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बाहरी राज्यों के वाहनों द्वारा मनमाने किराए वसूले जाने की शिकायत उठाई। आयुक्त ने आश्वस्त किया कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी और अवैध रूप से सवारी ढोने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, जिन होटलों में यात्री ठहरेंगे, वहीं उनके वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशिक्षित स्टाफ की मांग
होटल व्यवसायियों ने पंजीकरण कंपनी के कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की मांग की, ताकि यात्रियों को रूट और भौगोलिक स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
अतिक्रमण और सुरक्षा पर चिंता
यातायात कंपनी के अध्यक्ष नवीन रमोला ने इंद्रमणि बडोनी चौक से चंद्रभागा नदी तक बनी सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत की। साथ ही आईएसबीटी पार्किंग में बसों की बैटरी चोरी और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या भी उठाई गई।
प्राइवेट वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड की मांग
उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत मैठाणी ने निजी वाहनों के लिए भी ट्रिप कार्ड जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे धामों में बढ़ती भीड़ पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
बैठक में कई पदाधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

