Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    देहरादून: मसूरी रोड पर गैंगवार की गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

    March 31, 2026

    रुद्रप्रयाग की होनहार खिलाड़ी का राज्य टीम में चयन, ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

    March 30, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर समर शेड्यूल लागू, 34 फ्लाइट्स को मंजूरी, 12 शहरों के लिए डायरेक्ट उड़ानें शुरू

    March 29, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Tuesday, March 31
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»Uncategorized»आय से 547 गुना ज्यादा संपत्ति वाले IAS राम विलास गिरफ्तार… जानिये इनके बारे में
    Uncategorized

    आय से 547 गुना ज्यादा संपत्ति वाले IAS राम विलास गिरफ्तार… जानिये इनके बारे में

    adminBy adminJune 23, 2022No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    आय से 547 गुना ज्यादा संपत्ति वाले IAS राम विलास गिरफ्तार… जानिये इनके बारे में
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईएएस अधिकारी रामविलास यादव को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। दिन भर पूछताछ के बाद देर रात रामविलास यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आईएएस राम विलास यादव विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे और अपना पक्ष रखा था। लंबी पूछताछ के बाद देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दो दिन पहले ही उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक के मामले पर सुनवाई की और विजिलेंस के सामने पेश होने को कहा था।

    बुधवार, 22 जून को उत्तराखंड सरकार ने राम विलास यादव को सस्पेंड कर दिया था। विजिलेंस डिपार्टमेंट ने 22 जून को दिन भर उनसे पूछताछ की। फिर देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारी के खिलाफ कथित रूप से आय से 500 गुना ज्यादा संपत्ति मिली थी। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई थी। राम विलास यादव उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव थे। विजिलेंस ने पिछले साल सितंबर में सरकार को इस मामले में रिपोर्ट भेजी थी। इसमें कहा गया था कि राम विलास यादव के उनके ज्ञात स्रोतों से 547 गुना ज्यादा संपत्ति है।

    उत्तराखंड विजिलेंस डिपार्टमेंट ने लखनऊ और देहरादून में राम विलास यादव के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान उनके खिलाफ कई सबूत मिले थे। इससे पहले 19 अप्रैल को ही उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आजतक से जुड़े दिलीप सिंह राठौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड सचिवालय में रामविलास यादव कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। आरोप है कि इन्ही पदों पर रहते हुए उन्होंने आय से अधिक संपत्ति जुटाई।

    21 जून को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उन्हें कोई राहत नहीं दी। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं और उनके परिवार ने मेहनत से संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा सुप्रीम कोर्ट में वकील है। पत्नी कॉलेज में प्रबंधक है और बेटी विदेश में काम करती है। मुझे अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। जिस व्यक्ति ने मेरे खिलाफ केस दर्ज की है उसी के खिलाफ कई मामले लंबित हैं। सरकार ने जो कमेटी गठित की थी उसे पक्ष रखने से पहले ही भंग कर दिया गया।

    devbhumi news devbhumi samachar IAS राम बिलास यादव pahad news pahad samachar PUSHKAR SINGH DHAMI uttarakhand news uttarakhand samachar उत्तराखंड न्यूज़ देवभूमि न्यूज़ देवभूमि समाचार पहाड़ न्यूज़. उत्तराखंड समाचार पहाड़ समाचार
    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    धामी सरकार के चार वर्ष: विकास की रफ्तार, विरासत का सम्मान और रिकॉर्ड निवेश

    March 23, 2026

    UKSSSC ने नई तारीख घोषित की, रद्द स्नातक स्तरीय परीक्षा अब 17 मई को

    March 21, 2026

    उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, आज धामी कैबिनेट में ये 5 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं

    March 20, 2026

    उत्तराखंड में रेल नेटवर्क का विस्तार: 216 किमी ट्रैक और ₹40,000 करोड़ का प्रोजेक्ट

    March 19, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version