Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    देहरादून: मसूरी रोड पर गैंगवार की गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

    March 31, 2026

    रुद्रप्रयाग की होनहार खिलाड़ी का राज्य टीम में चयन, ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

    March 30, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर समर शेड्यूल लागू, 34 फ्लाइट्स को मंजूरी, 12 शहरों के लिए डायरेक्ट उड़ानें शुरू

    March 29, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Tuesday, March 31
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»Uncategorized»स्वामी विवेकानंद का हुआ था जन्म, इस दिन हर साल मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस
    Uncategorized

    स्वामी विवेकानंद का हुआ था जन्म, इस दिन हर साल मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस

    adminBy adminJanuary 12, 2022No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    स्वामी विवेकानंद का हुआ था जन्म, इस दिन हर साल मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    महान संत और दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में हर वर्ष देश 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है। विवेकानंद संत रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे। वह वेदांत और योग पर भारतीय दर्शन से पश्चिमी दुनिया का परिचय कराने वाली प्रमुख हस्ती थे। उन्हें 19वीं सदी के अंत में हिंदू धर्म को दुनिया के प्रमुख धर्मों में स्थान दिलाने का श्रेय जाता है। उन्होंने अपने गुरु की याद में रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।

    विवेकानंद को 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुई विश्व धर्मों की संसद में दिए गए उनके भाषण की वजह से सबसे ज्यादा याद किया जाता है। दुनिया भर के धार्मिक नेताओं की मौजूदगी में जब विवेकानंद ने, ”अमेरिकी बहनों और भाइयों” के साथ जो संबोधन शुरू किया तो आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में कई मिनट तक तालियां बजती रहीं। इस धर्म संसद में उन्होंने जिस अंदाज में हिंदू धर्म का परिचय दुनिया से कराया, उससे वे पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गए।

    स्वामी विवेकानंद से जुड़ी रोचक बातें

    स्वामी विवेकानंद अक्सर लोगों से एक सवाल किया करते थे कि क्या आपने भगवान को देखा है? इसका सही जवाब किसी के पास नहीं मिला। एक बार उन्हें रामकृष्ण परमहंस से भी यही सवाल किया था, जिस पर रामकृष्ण परमहंस जी ने जवाब दिया था, हां मुझे भगवान उतने ही स्पष्ट दिख रहे हैं, जितना की तुम दिख रहे हो, लेकिन मैं उन्हें तुमसे ज्यादा गहराई से महसूस कर पा रहा हूं।

    स्वामी विवेकानंद ने 1897 में कोलकाता में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। वहीं 1898 में गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना भी की थी।

    11 सितंबर 1893 में अमेरिका में धर्म संसद का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी विवेकानंद भी शामिल हुए थे। यहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत हिंदी में ये कहकर की कि ‘अमेरिका के भाइयों और बहनों’। उनके भाषण पर आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में पूरे दो मिनट तक तालियां बजती रहीं। जो भारत के इतिहास में एक गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर दर्ज हो गई।

    devbhumi news devbhumi samachar pahad news pahad samachar rashtriy yuva diwas swami vivekanand uttarakhand news uttarakhand samachar उत्तराखंड न्यूज़ देवभूमि न्यूज़ देवभूमि समाचार पहाड़ न्यूज़. उत्तराखंड समाचार पहाड़ समाचार
    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    धामी सरकार के चार वर्ष: विकास की रफ्तार, विरासत का सम्मान और रिकॉर्ड निवेश

    March 23, 2026

    UKSSSC ने नई तारीख घोषित की, रद्द स्नातक स्तरीय परीक्षा अब 17 मई को

    March 21, 2026

    उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, आज धामी कैबिनेट में ये 5 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं

    March 20, 2026

    उत्तराखंड में रेल नेटवर्क का विस्तार: 216 किमी ट्रैक और ₹40,000 करोड़ का प्रोजेक्ट

    March 19, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version