Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    किसानों संग आज दून कूच करेंगे राकेश टिकैत, दिव्यांशु हत्याकांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

    April 3, 2026

    देहरादून में ऑपरेशन प्रहार का असर, 149 संदिग्ध पकड़े गए, 67 वाहन सीज, सड़कों पर चला सख्त चेकिंग अभियान

    April 2, 2026

    ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को मिली 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र ने दी हरी झंडी

    April 1, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Friday, April 3
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»राष्ट्रीय»टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक तलवार नीलाम, 3.4 करोड़ रुपये में हुई बिक्री
    राष्ट्रीय

    टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक तलवार नीलाम, 3.4 करोड़ रुपये में हुई बिक्री

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalNovember 13, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    नई दिल्ली। टीपू सुल्तान की तलवार नीलाम हो गई है, जो उनके निजी शस्त्रागार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। यह तलवार श्रीरंगपट्टनम की ऐतिहासिक जंग (Battle of Seringapatam) में इस्तेमाल की गई थी।

    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तलवार बॉनहैम्स ऑक्शन हाउस (Bonhams Auction House) में 3.17 लाख पाउंड में बिकी है, जो भारतीय रुपये में लगभग 3.4 करोड़ के बराबर है। बताया जाता है कि इस तलवार का संबंध 1799 की उस प्रसिद्ध जंग से है, जिसमें टीपू सुल्तान वीरगति को प्राप्त हुए थे। तलवार को ब्रिटिश अधिकारी जेम्स एंड्रयू डिक (James Andrew Dick) को उनकी सेवा के लिए इनाम स्वरूप दी गई थी, और जून 2024 तक यह उनके परिवार के पास थी।

    तलवार पर हैदर अली के निशान
    बॉनहैम्स ऑक्शन हाउस के अनुसार, यह तलवार मैसूर के बाघ टीपू सुल्तान की विरासत को दर्शाती है। इस तलवार पर बाघ की पट्टियों ‘बुबरी’ की विशेष सजावट है, जो इसे एक अनोखा रूप देती है। इसके ब्लेड पर सोने में जड़ा हुआ अरबी अक्षर ‘हा’ टीपू के पिता हैदर अली का संदर्भ है, जो इस तलवार की ऐतिहासिकता को और बढ़ाता है।

    तलवार का ऐतिहासिक महत्व
    अप्रैल-मई 1799 में ईस्ट इंडिया कंपनी और मैसूर साम्राज्य के बीच श्रीरंगपट्टनम का युद्ध हुआ। इसमें हैदराबाद के निजाम और मराठा भी अंग्रेजों का साथ दे रहे थे। इस युद्ध में टीपू सुल्तान शहीद हो गए थे। कैप्टन एंड्रयू डिक की रेजिमेंट ने टीपू सुल्तान के शव की तलाशी ली और उनके किले पर कब्जा किया। डिक उन कुछ अफसरों में से थे, जिन्होंने इस युद्ध में किले में घुसकर विजय प्राप्त की थी।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    सुरों में रची पहचान: नरेश कुमार ने ‘वंदे मातरम्’ को नया संगीत रूप दिया

    January 31, 2026

    सुप्रीम कोर्ट ने UGC का फैसला पलटा, नए नियमों पर CJI ने जताई चिंता

    January 29, 2026

    भारत-पाक मध्यस्थता के चीनी दावे पर कांग्रेस का हमला, सरकार से मांगा जवाब

    December 31, 2025

    किसानों को बड़ी राहत, पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले में प्रस्तावित उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखी

    December 21, 2025
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version