Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    ऋषिकेश बाईपास फोरलेन को मिली 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र ने दी हरी झंडी

    April 1, 2026

    देहरादून: मसूरी रोड पर गैंगवार की गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

    March 31, 2026

    रुद्रप्रयाग की होनहार खिलाड़ी का राज्य टीम में चयन, ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

    March 30, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Wednesday, April 1
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»Uncategorized»गढ़वाल श्रीनगर में मूल निवास, भू-कानून की मांग को लेकर 30 दिसम्बर को महापंचायत, प्रत्येक गांव से पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि
    Uncategorized

    गढ़वाल श्रीनगर में मूल निवास, भू-कानून की मांग को लेकर 30 दिसम्बर को महापंचायत, प्रत्येक गांव से पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि

    adminBy adminDecember 10, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    गढ़वाल श्रीनगर में मूल निवास, भू-कानून की मांग को लेकर 30 दिसम्बर को महापंचायत, प्रत्येक गांव से पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    मूल निवास और सख्त भू-कानून की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने बड़ा ऐलान किया है. मूल निवास,भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने इन मुद्दों को लेकर आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है. इसी कड़ी में अब संघर्ष समिति ब्लॉक स्तर से महापंचायत का आयोजन करने जा रही है. 30 दिसंबर को टिहरी जिले के कीर्तिनगर में पहली महापंचायत होगी.

    भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के गढ़वाल संयोजक अरुण नेगी ने कहा महापंचायत में मूल निवास और भू-कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर समिति ब्लाक स्तरों पर बैठक आयोजित करेगी. 30 दिसंबर को टिहरी जिले के कीर्तिनगर में मूल निवास और भू-कानून को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी. मूल निवास और भू-कानून को लेकर प्रधान संगठन कीर्तिनगर ने भी समर्थन दिया है. 30 दिसंबर को होने वाली बैठक में जनप्रतिनिधि समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होंगे.

    मूल निवास संघर्ष समिति के गढ़वाल संयोजक अरुण नेगी ने कहा उत्तराखंड राज्य आंदोलन के तर्ज पर अब राज्य में मूल निवास और भू-कानून की लड़ाई लड़ी जाएगी. पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन की खरीद-फरोख्त रोकने लिए सशक्त भू-कानून बनाने और मूल निवास को लागू किया जाना अनिवार्य है. राज्य सरकार द्वारा मूल निवास व्यवस्था समाप्त करने से यहां के लोग अपनी पहचान खो चुके हैं. इसलिए मूल निवास की व्यवस्था को लागू किया जाना अनिवार्य है.

    अरुण नेगी ने कहा हरियाणा, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में मूल निवास और भू-कानून लागू है. लेकिन उत्तराखंड राज्य बनने के 23 साल बाद भी आज राज्य के मूल निवासियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. उल्टा राज्य के मूल निवासियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मूल निवास और भू-कानून को लेकर सरकार कोई स्टेंड नहीं ले पा रही है. सरकार लगातार लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है. सरकार ने भू-कानून को इतना कमजोर कर दिया है कि इस प्रदेश में बड़े-बड़े भू-माफिया हावी हो गए हैं. राज्य में कृषि भूमि समाप्त होती जा रही है. यहां के काश्तकार भूमिहीन होते जा रहे हैं. राज्य के मूल निवासियों को नौकरियां और रोजगार नहीं मिल पा रहा है. नौकरियों का फायदा बाहरी लोग ले रहे हैं.

    उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित रहें, इसलिए प्रदेश में सशक्त भू कानून और मूल निवास-1950 लागू किए जाने की आवश्यकता है. इस मौके पर प्रधान संगठन के निर्वतमान अध्यक्ष सुनय कुकशाल ने समर्थन देते हुए कहा कि अपने अधिकारों और हक की लड़ाई के लिए सभी जनप्रतिनिधि एक मंच पर आकर भू-कानून और मूल निवास की लड़ाई लड़ेंगे.

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    धामी सरकार के चार वर्ष: विकास की रफ्तार, विरासत का सम्मान और रिकॉर्ड निवेश

    March 23, 2026

    UKSSSC ने नई तारीख घोषित की, रद्द स्नातक स्तरीय परीक्षा अब 17 मई को

    March 21, 2026

    उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, आज धामी कैबिनेट में ये 5 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं

    March 20, 2026

    उत्तराखंड में रेल नेटवर्क का विस्तार: 216 किमी ट्रैक और ₹40,000 करोड़ का प्रोजेक्ट

    March 19, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version