Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर बोले तीरथ सिंह रावत- नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरूंगा

    August 18, 2026

    युवाओं को रोजगार, पहाड़ में उद्योग और कब्जाधारियों को भूमिधरी अधिकार—धामी के बड़े ऐलान

    August 17, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत, टोल ₹345 से घटकर हुआ ₹80

    August 16, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Tuesday, August 18
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
    उत्तराखंड

    अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा

    adminBy adminJune 28, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    सनातन परंपरा में समाहित है त्याग, सेवा और परमार्थ की भावना: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

     

    देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित दधीचि अंगदान संकल्प अभियान में सैकड़ों लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प

     

    हरिद्वार : देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साधकों ने अंगदान के महत्व पर विचार रखे तथा अनेक लोगों ने मानव सेवा के लिए अंगदान का संकल्प लिया।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य है, जिसके माध्यम से गंभीर रूप से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से समझने की आवश्यकता है। भारत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत ढांचे को विकसित किया गया है और राज्यों में भी अंगदान से जुड़े संगठनों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से देश में अंगदान की संख्या में वृद्धि हुई है और जनभागीदारी से इसे एक व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति त्याग, समर्पण, सेवा और परमार्थ की महान परंपरा पर आधारित रही है। महर्षि दधीचि के त्याग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों तक का दान कर दिया था। इसी प्रकार राजा शिवि द्वारा एक पक्षी की रक्षा के लिए अपने शरीर का अंश अर्पित करने की कथा भारतीय संस्कृति में करुणा और परोपकार की भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर का कोई अंग किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है, तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य कोई नहीं हो सकता।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा ढांचे के विकास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग तथा संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। दून मेडिकल कॉलेज में राज्य के प्रथम सरकारी ऊतक प्रत्यारोपण केंद्र के निर्माण सहित अंग प्रत्यारोपण केंद्रों, अंग बैंक और जिला स्तरीय अंगदान केंद्रों के नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर अंग उपलब्ध हो सकें।

    मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा एक शताब्दी से आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने आध्यात्मिक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सरल रूप में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनका संदेश “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का मेरुदण्ड है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सहयोग, कर्तव्यबोध और लोकमंगल की भावना को जागृत करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए अपने समय, श्रम और संसाधनों का समर्पण ही यज्ञ की वास्तविक भावना है।

    इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री श्री मदन कौशिक, रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानंद जी, डॉ. अनिल कुमार, पद्मश्री नीलेश मांडलेवाला, डॉ. विजय धस्माना सहित अनेक विशेषज्ञों ने अंगदान के वैज्ञानिक, सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिभागियों को अंगदान का संकल्प दिलाया।

    इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रो. मीनू सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं देशभर से आए साधक उपस्थित रहे।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    admin
    • Website

    Related Posts

    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर बोले तीरथ सिंह रावत- नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरूंगा

    August 18, 2026

    युवाओं को रोजगार, पहाड़ में उद्योग और कब्जाधारियों को भूमिधरी अधिकार—धामी के बड़े ऐलान

    August 17, 2026

    देहरादून एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत, टोल ₹345 से घटकर हुआ ₹80

    August 16, 2026

    उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का दिन, 168 अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान

    August 15, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version