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    Home»उत्तराखंड»दूरस्थ गांवों तक पहुंचीं जिलाधिकारी, अस्पताल, बाजार और चौपालों में पहुंचकर जानी लोगों की समस्याएं
    उत्तराखंड

    दूरस्थ गांवों तक पहुंचीं जिलाधिकारी, अस्पताल, बाजार और चौपालों में पहुंचकर जानी लोगों की समस्याएं

    adminBy adminJune 25, 2026No Comments5 Mins Read
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    स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, रोजगार एवं विकास कार्यों की समीक्षा; व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं से किया सीधा संवाद

    ब्लॉक प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख एवं जिला पंचायत सदस्य के साथ किया आंगनबाड़ी केंद्र का किया शुभारंभ, ग्रामीणों से सीधे संवाद कर कई समस्याओं के मौके पर दिए समाधान, मातृशक्ति और युवाओं का बढ़ाया उत्साह

    पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया अधिकारियों के साथ लगातार दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम कर रही हैं। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों के भ्रमण के दूसरे दिन उन्होंने धुमाकोट, संगलिया और आसपास के गांवों का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्थाओं, आजीविका गतिविधियों तथा विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान आयोजित चौपालों में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अनेक मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।

    भ्रमण की शुरुआत जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुमाकोट के निरीक्षण से की। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी सेवाओं, प्रसव कक्ष, औषधि भंडारण, एएनसी सेवाओं, फायर सेफ्टी व्यवस्था और विभिन्न अभिलेखों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में पाई गई कमियों पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए। एक्सपायर होने वाली दवाओं का पृथक रिकॉर्ड रखने, उनका समयबद्ध निस्तारण करने तथा स्टॉक रजिस्टर को नियमित रूप से अद्यतन रखने को कहा।

    औषधि प्रबंधन पोर्टल के संचालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित फार्मासिस्ट के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। अस्पताल के बजट संबंधी अभिलेख उपलब्ध न होने पर भी उन्होंने जवाबदेही तय करने को कहा। वहीं मरीजों और तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार, दवा उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर अवसंरचना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने धुमाकोट तथा नैनीडांडा स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आगणन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। महिला चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण के कारण उत्पन्न समस्या को देखते हुए उन्होंने नैनीडांडा से अस्थायी रूप से महिला चिकित्साधिकारी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

    धुमाकोट बाजार में जिलाधिकारी ने व्यापार सभा के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। व्यापारियों ने कूड़ा निस्तारण, पार्किंग और बाजार क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे रखे। जिलाधिकारी ने कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था विकसित करने तथा बीडीओ को बड़े कूड़ादान स्थापित करने तथा नियमित उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारियों की अन्य मांगों को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तावित करने का आश्वासन दिया।

    इसके बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय संगलिया में आयोजित चौपाल में पहुंचीं जिलाधिकारी का स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ स्वागत किया। चौपाल में लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। जिलाधिकारी ने भी धैर्यपूर्वक प्रत्येक व्यक्ति की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।

    चौपाल के दौरान पेयजल, आजीविका, शिक्षा, खेल, कृषि तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने रिंगलाणा, तिमुलडुरा, कोचियार, कौला तल्ला और पलासी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए जल गुणवत्ता और विद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल निगम की तकनीकी टीम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर और सुचारु पेयजल सुविधाएं मिल सकें।

    ग्रामीणों द्वारा वन्यजीवों से सुरक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने संबंधी सुझाव रखे गए, जिस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में तारबाड़ लगाने तथा युवाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार योजनाओं से जोड़ने के लिए सेवायोजन, युवा कल्याण और विकास विभाग को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। चौपाल में कीवी उत्पादन के माध्यम से सफल स्वरोजगार स्थापित करने वाले कुलदीप सिंह रावत को सम्मानित करते हुए उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया।

    जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की मांग पर खेल मैदान हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने तथा किसान सम्मान निधि से वंचित पात्र किसानों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामसभा भवन को पुस्तकालय के रूप में शीघ्र जीर्णोद्धार कर विकसित करने का आश्वासन दिया। चौपाल में शिक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, दैवीय आपदा से प्रभावित विद्यालय भवनों की मरम्मत, प्राथमिक विद्यालय पीपली में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा संपर्क मार्गों पर जल निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए।

    महिलाओं ने आजीविका गतिविधियों एवं पीरूल संग्रहण भुगतान से जुड़े विषय जिलाधिकारी के समक्ष रखे, जिस पर उन्होंने वन विभाग को संबंधित फर्म की नोटिस जाती करते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि महिला समूहों, किसानों, युवाओं और ग्रामीणों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

    भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लॉक प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख तथा जिला पंचायत सदस्य के साथ संगलिया बिचला में नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं और बच्चों से संवाद कर केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। महिलाओं ने क्षेत्र में पहली बार किसी जिलाधिकारी के इस प्रकार गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुनने और समाधान कराने के प्रयासों की प्रशंसा की।

    जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपालों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर निर्धारित समयावधि में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को उसका वास्तविक लाभ मिल सके।

    इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मुन्नी ध्यानी, ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, ज्येष्ठ उप प्रमुख रेखा देवी, ग्राम प्रधान नरेंद्र रावत, डीडीओ मनविंदर कौर, डीएसटीओ राम सलोने, एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला, बीडीओ प्रमोद चंद्र पांडेय सहित सभी अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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