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    Home»उत्तराखंड»36 यमकेश्वर विधानसभा सेे बीजेपी की मजबूत दावेदार बन कर उभरती डॉ0 मीरा रतूड़ी
    उत्तराखंड

    36 यमकेश्वर विधानसभा सेे बीजेपी की मजबूत दावेदार बन कर उभरती डॉ0 मीरा रतूड़ी

    adminBy adminMay 25, 2026No Comments6 Mins Read
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    यमकेश्वर। पिछले पॉच विधानसभा चुनावों में बीजेपी यमकेश्वर में अजेय रही है, और इन पॉचों बार महिला विधायक चुनकर विधानसभा पहॅुची है, जिसमें तीन बार श्रीमती बिजया बड़थ्वाल, जो कि कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं। उसके बाद श्रीमती ऋतु खण्डूरी भूषण चुनी गयी जो कि वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हैं, और वर्तमान विधायक रेनू बिष्ट हैं। भाजपा की सबसे बड़ी मुफीद सीटों में एक सीट यमकेश्वर विधानसभा सीट है। उत्तराखण्ड में 2027 में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में सभी संभावित उम्मीदवार और दावेदार अपनी-अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते नजर आ रहे हैं, ऐसे में सभी दावेदार जनता के द्वार जाते और सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। यमकेश्वर से वैसे तो अकेले ही भाजपा से कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकते हैं, आखिर में टिकट तो पार्टी हाईकमान के द्वारा ही तय किया जाना है। यमकेश्वर से भाजपा के दावेदारों की लंबी फेरहिस्त है। वर्तमान विधायक रेनू बिष्ट, शैलेन्द्र रावत, डॉ0 मीरा रतूड़ी, ऋषि कण्डवाल, हेमंत बहुखण्डी, पूर्व विधायक, बिजया बड़थ्वाल, हेमंत द्विवेदी, संजीव चौहान, महेन्द्र राणा आदि प्रमुख रूप से दावेदार माने जा रहे हैं।

    यमकेश्वर विधानसभा सीट के समीकरण सिर्फ यमकेश्वर तक ही नहीं बल्कि पूरे पौड़ी जिले की विधानसभा सीटों पर भी निर्भर करेगा। क्योंकि पार्टी सभी जगह जीताऊ उम्मीदवार पर दांव खेलना चाहेगी। यमकेश्वर विधानसभा से लगने वाली सीटों में मुख्ययतः कोटद्वार और लैंसडाउन सीट है। बीजेपी इन सभी समीकरणों को मध्यनजर रखते हुए यमकेश्वर जो कि भाजपा के लिए अभी तक सर्वाधिक सुरक्षित सीट मानी जाती रही है, उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहेगी, ऐसे में पार्टी किसी ऐसे चेहरे को टिकट देगी जिसकी छवि समाज में अच्छी हो और जनता में मजबूत पकड़ हो।

    अभी तक यमकेश्वर से भाजपा ने पिछले पॉचों विधानसभा चुनाव में महिलाओं को प्राथमिकता दी। राजनीति में जातीगत समीकरण बहुत मायने रखते हैं, अतः राजनीतिक दृष्टिकोंण से इन समीकरणों को की बात की जाय तो यमकेश्वर से चार बार ब्राहमण चेहरा एवं वर्तमान में ठाकुर चेहरा को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया और जनता ने विधायक। अतः पार्टी हाईकमान इन सबको देखते हुए और आस-पास की विधानसभा सीट के जातीगत समीकरण को देखते हुए पार्टी अपना उम्मीदवार तय करती है।
    आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 में कयास लगाये जा रहे हैं कि भाजपा अपने पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए महिला प्रत्याशी का चयन करती है तो इसमें सबसे ज्यादा प्रबल दावेदार डॉ मीरा रतूड़ी मानी जा रही हैं। डॉ मीरा रतूड़ी यमकेश्वर की दमराड़ा गॉव की निवासी हैं, और अधिकांश समय अपने गॉव में ही व्यतीत करती हैं। वर्ष 2002 में भाजपा की सदस्य बनी। इसके बाद से ही जमीनी स्तर पर निरंतर सक्रिय एवं निष्ठावान कार्यकर्ता के तौर पर क्षेत्र और प्रदेश में विभिन्न पदों पर रहते हुए पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का कार्य किया। जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए पार्टी की छवि और प्रतिष्ठा को बढ़ाया। पिछले दो दशकों से यमकेश्वर क्षेत्र में संगठन, समाज और जनसेवा के माध्यम से निरंतर सक्रिय रही हैँ। उनका राजनीतिक जीवन सेवा, समर्पण, संगठनात्मक अनुशासन और राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित रहा है। राजनीतिक एवं संगठनात्मक सफर के तौर पर अब तक उनकी सफर की बात करते हैं तो वर्ष 2002 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। और इसी साल ही वर्ष 2002 में यमकेश्वर बिथ्याणी सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई। वर्ष 2004 में प्रांतीय परिषद की सदस्य के तौर पर कार्य किया। वर्ष 2005 से 2007 की अवधि में जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा पौड़ी के दायित्व का निर्वहन किया।

    2008 में जिला पंचायत उमरोली सीट से चुनाव लड़ा और विजयी हुईं। 2014 तक जिला पंचायत सदस्य के तौर पर क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरी उतरी और वहां की मूलभूत समस्याओं का निदान किया। साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य किया। 2008 से 2014 तक जिला पंचायत सदस्य संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रही।

    वर्ष 2009 में प्रदेश मंत्री, भारतीय जनता पार्टी का दायित्व मिला। इस अवधि में उनके द्वारा पार्टी की नीतियों और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अनकों कार्यों एवं दायित्वों का निवर्हन किया। लोकप्रियता के चलते पुनः 2014 से 2019 तक यमकेश्वर से गुमाल गांव से जिला पंचायत सदस्य चुनी गयी। संगठन ने उनके लंबे अनुभवों एवं पार्टी के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए वर्ष 2022 से 2025 तक मुझे पुनः प्रदेश मंत्री भाजपा का दायित्व सौंपा गया। हाल में हुए संगठनात्मक चुनाव में उनके द्वारा सहायक चुनाव अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन किया गया । इसके साथ ही दो बार जिला पंचायत एवं संगठन स्तर पर प्रदेश मंत्री के साथ प्रदेश महिला मोर्चा का पदभार संभाल चुकी हैं। आप विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़ी होने के साथ- साथ आपका परिवार एवं आप राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से जुड़ी रही है। आरएसएस से जुड़ी होने के नाते इन्होंने यमकेश्वर द्वारीखाल आदि में हिंदुत्व के लिए कई कार्याें का संपादन किया जिसमें हिंदू नव वर्ष से लेकर अन्य जन जागरण कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया।

    डॉ मीरा रतूड़ी की समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती हैं, साथ ही बहुत सरल एवं सहज स्वभाव की व्यक्तित्व हैं। द्वारीखाल, दुगड्डा और यमकेश्वर में उनकी जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है। यहॉ तक कि उनके सरल और सहज व्यक्तित्व होेने के कारण सत्ता पक्ष के समर्थक ही नहीं बल्कि विपक्ष के लोग भी उनको आंतरिक समर्थन देते नजर आते हैं, और वह भी चाहते हैं कि यमकेश्वर से उनको विधानसभा में नेतृत्व करने का अवसर मिल सके। आप एक राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक व्यक्त्वि के साथ पत्रकारिता से भी जुड़ी रही हैं, विभिन्न पत्रकारिता के प्रतिष्ठानों में कार्य का बड़ा अनुभव के चलते ग्रामीण पत्रकार संगठन की अध्यक्ष भी रही हैं।

    पिछले 15 वर्षों से यमकेश्वर में हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसका संचालक वह स्वयं करती हैं। इस कार्यक्रम में हर साल लगभग 800 से एक हजार महिलाओं की सहभागिता होती है। यमकेश्वर में पिछले 3 वर्षों से महंत अवैद्यनाथ की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके आयोजन में उनकी प्रमुख भूमिका रहती है।

    इन सबको मध्यनजर रखते हुए उनके लंबे राजनीतिक अनुभव एवं पार्टी हित में उनकी वरिष्ठता और स्थानीय होना उनकी दावेदारी को और मजबूत करता है। अतः पार्टी हाईकमान उनको टिकट देने पर विचार कर सकता है। अतः जनहित एवं विधानसभा हित में उनकी मजबूत दावेदारी को देखा जा रहा है। वहीं स्थानीय निवासी भी यही मॉग कर रहे हैं, कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभवों और जनहित को देखते हुए उन्हें मौका मिलना चाहिए और जनता उनको अपना जनादेश देने के पक्ष में दिखाई दे रही है। हालांकि अभी पार्टी हाईकमान विधानसभावार आंतरिक सर्वे कर टिकट देने पर विचार करेगी।

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