प्रधानमंत्री मोदी ने आज 14 अप्रैल 2026 को देहरादून दौरे के दौरान 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कई बड़े फायदे गिनाए।
- पीएम मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि देश के विकास की “भाग्य रेखा” है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले एक दशक में भारत तेजी से आधुनिक हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार कर रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार बनेगा।
- उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को जबरदस्त फायदा मिलेगा। दिल्ली से देहरादून की दूरी कम होने से सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
- पीएम मोदी ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रियों का समय बचेगा और पेट्रोल-डीजल की खपत भी कम होगी, जिससे आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों फायदे होंगे।
- उन्होंने कहा कि किसानों की फसल अब तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचेगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे। साथ ही इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
- पीएम ने बताया कि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जिससे वन्यजीवों और प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।
- पीएम मोदी ने अगले साल हरिद्वार में होने वाले Kumbh Mela और Nanda Raj Jat का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
- प्रधानमंत्री ने देशभर के सैलानियों से अपील की कि देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग कम करें और सफाई का विशेष ध्यान रखें।
इस दौरान पीएम मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोले। उन्होंने कहा किसभी दलों को इसके लिए आगे आना चाहिए। महिलाओं ने जो हक दिया जा रहा है उसे लागू होना चाहिए। 2029 में लोकसभा के जो चुनाव होंगे, उसके बाद जो भी चुनाव होंगे यह 2029 से ही लागू हो जाना चाहिए। यह हर बेटी बहन की इच्छा है। 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। मैं चाहता हूं कि इसमें सभी राजनीतिक दल सर्वसम्मति से पूरा करें। आज मैंने सभी बहनों और बेटियों के नाम खुला पत्र लिखा है। मैंने आग्रह किया है कि माताओं और बहनों को इस कार्य में भागीदारी के लिए आग्रह किया है। एक-एक शब्द पर इस पर मनन करना है।

