“जानकारी ही बचाव है” : एड्स पर जागरूकता फैलाने में जुटी समिति
देहरादून। विचार एक नई सोच सामाजिक संगठन एवं उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य संवाद व चिकित्सा सेवा सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति (USACS) की जागरूकता मुहिम कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य से जुड़ी उपलब्धियों और चुनौतियों पर संवाद का मंच बना, बल्कि एड्स और रक्तदान जैसे गंभीर विषयों पर भी ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडोटोरियम में भव्य स्तर पर किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की। मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, अति विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग बंशीधर तिवारी, और निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। हालांकि, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार को कार्यक्रम में शिरकत करनी थी, लेकिन व्यक्तिगत कारणों के चलते वह उपस्थित नहीं हो सके। इसके बावजूद, कार्यक्रम की सफलता में कोई कमी नहीं आई।
25 चिकित्सकों को मिला सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों पर मंथन के साथ स्वास्थ्य की नवीनतम तकनीकों पर विचार विमर्श के साथ प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को पहचान और सम्मान देना था। इस कड़ी में उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से चयनित 25 चिकित्सकों को उनकी सेवाओं के लिए चिकित्सा सेवा सम्मान- 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देता है, बल्कि अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रेरित भी करता है।

एड्स नियंत्रण समिति की सहभागिता
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति (USACS) ने एक विशेष स्टॉल लगाकर कार्यक्रम में भाग लिया। समिति की टीम ने एड्स और रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए। स्टॉल पर प्रदर्शित सूचनात्मक पोस्टर, पम्पलेट्स, ब्रोशर ने आगंतुकों का ध्यान खींचा। “एच.आई.वी/एड्स की जानकारी ही बचाव है” इस मुख्य संदेश के साथ समिति ने उपस्थित लोगों को एड्स की जांच, इसके संक्रमण के तरीके, बचाव और इलाज की आधुनिक विधियों के बारे में जानकारी दी।
प्रचार सामग्री और जागरूकता सामग्री की विविधता
स्टॉल पर बड़ी संख्या में जागरूकता से संबंधित पर्चे रखे गए थे। इनमें रक्तदान के लाभ, एचआईवी टेस्ट की अनिवार्यता, संक्रमित व्यक्ति के साथ व्यवहार, और सुरक्षित यौन संबंध जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी थी। यदि HIV जांच पॉजिटिव आये तो परिवार की भी जांच करायें। HIV संक्रमित जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ्य बनाया जा सकता है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के साथ जुड़ें।
सम्मान और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सदस्यों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि जनस्वास्थ्य अभियानों में उनकी भूमिका कितनी अहम है। समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि हमारा उद्देश्य एड्स को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को सही जानकारी देना है। सिर्फ जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।

संपूर्ण सुरक्षा केंद्र और टोल फ्री हेल्पलाइन का प्रचार
कार्यक्रम में समिति ने 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन के प्रचार को भी प्राथमिकता दी, ताकि कोई भी व्यक्ति एचआईवी/एड्स संबंधी जानकारी, जांच या परामर्श के लिए निःशुल्क कॉल कर सके। इसके अलावा, संपूर्ण सुरक्षा केंद्र की जानकारी देने वाले पोस्टर भी लगाए गए थे, जिसमें परीक्षण, परामर्श, और निशुल्क चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
समाज में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
यह कार्यक्रम न केवल एक संवाद का मंच था, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्टता और जागरूकता को एक साथ जोड़ने का सफल प्रयास भी था। एड्स नियंत्रण समिति की सक्रिय भागीदारी ने साबित कर दिया कि सरकारी एजेंसियां यदि सही तरीके से जनभागीदारी करें, तो जटिल बीमारियों के खिलाफ भी जागरूकता फैलाना संभव है। स्वास्थ्य संवाद व चिकित्सा सेवा सम्मान- 2025 जैसे आयोजन राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने के साथ-साथ जनता को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण जरिया बनते जा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की सक्रिय भूमिका इस बात का संकेत है कि बीमारी से लड़ने के लिए सिर्फ दवा नहीं, बल्कि जानकारी और जनसहभागिता भी जरूरी है।
