Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की गूंज, शिवराज-धामी ने संत समाज से जनजागरण की अपील

    August 24, 2026

    रुड़की: शादी की खुशियां मातम में बदलीं: रिश्ता तय होने के कुछ घंटे बाद अमन की गोली मारकर हत्या

    August 23, 2026

    रुड़की में भीषण सड़क हादसा: कांवड़ पटरी पर चार बाइक भिड़ीं, 3 की मौत और 6 घायल

    August 22, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Monday, August 24
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान- मुख्यमंत्री धामी
    उत्तराखंड

    पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान- मुख्यमंत्री धामी

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalApril 11, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    सत्यापन के बाद व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा सफाई और रख रखाव का अभियान

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दशकों पुराने कुओं का जीर्णोंधार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कुओं का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, साथ ही रख रखाव के जरिए इन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।

    कुएं प्राचीन काल से गांवों से लेकर शहरों में तक मीठे और साफ पानी के स्रोत रहे हैं, कुंए धार्मिंक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होते हैं, कई जगह कुंए एतिहासिक घटनाओं के भी गवाह हैं। लेकिन समय के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था बदलने से कुंओं का उपयोग घटता चला गया। वर्तमान में कई जगह कुएं अतिक्रमण या उपेक्षा के शिकार हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश सरकार एक बार फिर कुओं का रख -रखाव करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से पहले कुओं की व्यापक सफाई करते हुए, इन्हें पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए कुओं की साफ सफाई करते हुए, पुनर्जीवित किया जाएगा।

    सारा के तहत जलस्रोतों को बचाने का प्रयास

    प्रदेश सरकार गेम चेंजर योजना के तहत स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) के जरिए, जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास कर रही है। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कुल 6350 क्रिटिकल – सूखे जल स्रोतों को चिन्हित करते हुए, पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण 929 स्रोतों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए 297 रिचार्ज शॉफ्ट निर्मित किए जा चुके हैं। गत वर्ष विभिन्न जल संचय और संग्रहण संरचनाओं के निर्माण से 3.21 मिलियन घन मीटर वर्षा जल रिचार्ज किया गया।

    प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया आग्रह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर दिए अपने भाषण में राज्यवासियों से अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के अभियानों को गति देने का आग्रह व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड में अपने नौलों धारों को पूजने की परंपरा रही है, प्रदेश सरकार इसी क्रम में कुओं को भी संरक्षित करने का अभियान शुरू करने जा रही है।

    कुंए हमारी सभ्यता के अहम अंग रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों तक कई प्राचीन कुंए हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें फिर प्रयोग में लाया जाए, इससे जल संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वच्छ जल के प्राकृतिक स्रोत भी संरक्षित हो सकेंगे। – पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की गूंज, शिवराज-धामी ने संत समाज से जनजागरण की अपील

    August 24, 2026

    रुड़की: शादी की खुशियां मातम में बदलीं: रिश्ता तय होने के कुछ घंटे बाद अमन की गोली मारकर हत्या

    August 23, 2026

    रुड़की में भीषण सड़क हादसा: कांवड़ पटरी पर चार बाइक भिड़ीं, 3 की मौत और 6 घायल

    August 22, 2026

    उत्तराखंड में 30 साल में 1,641 वर्ग किमी घटा बर्फीला क्षेत्र, देहरादून में 71% बढ़ा शहरीकरण

    August 21, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version