Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    नए साल पर उत्तराखंड में बर्फबारी के आसार, पहाड़ों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज

    January 1, 2026

    चमोली: विष्णुगाड–पीपलकोटी परियोजना में बड़ा हादसा, दो लोको ट्रेनों की टक्कर से 60 घायल

    December 31, 2025

    देहरादून: एंजेल चकमा मौत मामला, जन्मदिन पार्टी के मजाक से शुरू हुआ विवाद, नस्लीय टिप्पणी के सबूत नहीं

    December 30, 2025
    Facebook Twitter Instagram
    Thursday, January 1
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»राष्ट्रीय»भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स पिछले छह महीनों से अंतरिक्ष में फंसी
    राष्ट्रीय

    भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स पिछले छह महीनों से अंतरिक्ष में फंसी

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalNovember 15, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

      वजन में कमी और शारीरिक बदलावों का सामना कर रहीं

    भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सुनीता विलियम्स पिछले छह महीनों से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रह रही हैं, और इस दौरान उनके शरीर में कुछ बदलाव आए हैं, जिनमें वजन कम होना भी शामिल है। दरअसल, अंतरिक्ष में यात्रियों को कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें हड्डियों का कमजोर होना और भूख की कमी के कारण वजन घटने जैसी समस्याएं भी शामिल हैं।

    स्पेस में क्यों घटता है वजन?
    अंतरिक्ष यात्रियों को सबसे आम समस्या वजन में कमी की होती है। स्पेस मोशन सिकनेस और भूख में कमी के कारण उनका वजन लगातार कम होता जाता है। स्पेस स्टेशन में गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) की कमी होने से भोजन की सुगंध नाक तक नहीं पहुंचती, जिससे उनका खाने का मन नहीं करता। ऐसे में संतुलित और पौष्टिक आहार ही उन्हें वजन कम करने से बचा सकता है।

    हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है असर
    अंतरिक्ष में रहने से हड्डियां और मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं, क्योंकि ग्रैविटी के अभाव में शरीर को अपने वजन का भार उठाने की जरूरत नहीं होती। लंबे समय तक स्पेस में रहने वाले यात्रियों की हड्डियां तेजी से कमजोर होती हैं, इसलिए उन्हें रोजाना लगभग 2 घंटे की कसरत करनी पड़ती है।

    नासा के अध्ययन के अनुसार शरीर में बदलाव
    नासा के अनुसार, ISS पर आधे से अधिक यात्रियों के शरीर में बदलाव होता है। गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर में मौजूद तरल ऊपर की ओर बढ़ता है, जिससे सिर का आकार बढ़ जाता है और चेहरे पर सूजन आ सकती है।

    अंतरिक्ष यात्री क्या खाते हैं?
    स्पेस स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों का भोजन विशेष डिस्पोजेबल पैकेज में आता है। इन पैकेजों में पौष्टिक विटामिन, खनिज और कैलोरी का संतुलन होता है। बिना ग्रैविटी के होने से नमक और काली मिर्च पाउडर तैर सकते हैं, इसलिए इन्हें तरल रूप में उपलब्ध कराया जाता है।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर चारों धामों में हुई विशेष पूजा अर्चना

    September 17, 2025

    मुख्यमंत्री धामी ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया

    June 24, 2025

    बड़ी खबर: टेकऑफ के कुछ मिनटों बाद एयर इंडिया का विमान गिरा…232 यात्री और 10 क्रू मेंबर थे सवार

    June 12, 2025

    ‘मन की बात’ का 122वां एपिसोड, पीएम मोदी ने साझा किए सेना के शौर्य और नागरिकों की भावना के किस्से

    May 25, 2025
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version