Dainik UjalaDainik Ujala
    What's Hot

    कल महाशिवरात्रि पर केदारनाथ को मिलेगा 325वां रावल, शांतिलिंग होंगे उत्तराधिकारी

    February 14, 2026

    देहरादून में रिश्तों का कत्ल: अर्जुन केस में पैसों के लिए मां ने पार की इंसानियत की हद

    February 13, 2026

    सीएम धामी का कड़ा संदेश: अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करें, हर मामले में दर्ज हो मुकदमा

    February 12, 2026
    Facebook Twitter Instagram
    Sunday, February 15
    Facebook Twitter Instagram
    Dainik Ujala Dainik Ujala
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • बागेश्वर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • नैनीताल
      • रुद्रप्रयाग
      • पौड़ी गढ़वाल
      • पिथौरागढ़
      • टिहरी गढ़वाल
      • उधम सिंह नगर
      • उत्तरकाशी
    • मनोरंजन
    • खेल
    • अन्य खबरें
    • संपर्क करें
    Dainik UjalaDainik Ujala
    Home»उत्तराखंड»यूसीसी लागू होने के बाद लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव आएगा नजर 
    उत्तराखंड

    यूसीसी लागू होने के बाद लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव आएगा नजर 

    Amit ThapliyalBy Amit ThapliyalOctober 19, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest WhatsApp LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Share
    Facebook WhatsApp Twitter Email LinkedIn Pinterest

    संतान की मृत्यु होने पर माता-पिता भी उसकी चल-अचल संपत्ति में रहेंगे हिस्सेदार 

    देहरादून। समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) होने के बाद आम लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव नजर आएगा। संतान की मृत्यु होने पर माता-पिता भी उसकी चल-अचल संपत्ति में हिस्सेदार रहेंगे, वरना अभी जो उत्तराधिकार कानून है, उसके तहत पति की मृत्यु के बाद बैंक-बैलेंस, संपत्ति आदि पत्नी को ही मिलती है। इससे माता-पिता बेसहारा रह जाते हैं। यह विसंगति यूसीसी आने पर समाप्त हो जाएगी।

    यूसीसी की नियमावली का ड्राफ्ट शुक्रवार को अंग्रेजी भाषा में सरकार को सौंपा गया है, जिसे अनुवाद कराने के साथ विधि और न्याय विभाग के समक्ष तकनीकी समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद सरकार मंत्रिमंडल की बैठक कर उसे प्रभावी तौर पर लागू करने की तैयारियों और तिथि की घोषणा कर सकती है।
    पति-पत्नी को विवाह का पंजीकरण कराने के लिए छह माह का समय

    यह ड्राफ्ट दो वॉल्यूम और चार हिस्सों में है। एक वॉल्यूम में 200 और दूसरे में 410 पन्ने हैं। इनमें विवाह और विवाह विच्छेद, लिव इन रिलेशनशिप, जन्म और मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार संबंधी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाओं को तय किया गया है।

    यह नियमावली ही स्पष्ट करेगी कि यदि विवाह, विवाह विच्छेद, लिव इन रिलेशनशिप, जन्म-मृत्यु का पंजीकरण नहीं करवाया तो क्या कार्रवाई हो सकती है। उसकी प्रक्रिया कैसी होगी। कितनी सजा हो सकती है। इन्हीं नियमों के तहत यूसीसी लागू होने के बाद उन सभी पति-पत्नी को विवाह का पंजीकरण कराने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा, जिन्होंने कानून लागू होने से पहले शादी की।

    छह महीने बीतने के बाद उन जोड़ों को तीन महीने का समय दिया जाएगा, जिन्होंने यूसीसी लागू होने के बाद शादी की। उत्तराधिकार कानून के तहत संतान की संपत्ति में माता-पिता को एक हिस्सा देने जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

    Share. Facebook WhatsApp Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram
    Avatar photo
    Amit Thapliyal

    Related Posts

    एमडीडीए की सख़्त कार्रवाई- अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोज़र, 10 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण

    February 9, 2026

    विकासनगर में दर्दनाक हादसा, हिमाचल रोडवेज की बस गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत

    February 3, 2026

    धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन नीति तक लगी मुहर

    January 28, 2026

    उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी

    January 15, 2026
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Dainik Ujala.
    • Home
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version